कासगंज। पंचायत चुनाव समय से न होने की आशंका के बीच जिले के प्रधानों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रधानों ने सरकार से समय पर चुनाव कराने अथवा वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग की है।
जिले की सात विकास खंडों में कुल 423 ग्राम पंचायतें हैं। इन पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। प्रधानों का कहना है कि प्रशासक नियुक्त होने पर गांवों के विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो जाएंगे।
प्रधान संगठन महामंत्री शिव कुमार हमदर्द ने बताया कि ग्राम पंचायतों में जनप्रतिनिधियों से ही योजनाएं प्रभावी ढंग से संचालित होती हैं। उनका मानना है कि प्रधान गांवों की जरूरतों और समस्याओं को बेहतर तरीके से समझते हैं।
हमदर्द ने कहा कि प्रशासकों की नियुक्ति होने पर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान प्रभावित होगा। इससे विकास कार्यों की रफ्तार थम जाएगी। प्रशासनिक व्यवस्था में आमजन की भागीदारी सीमित रह जाती है।
प्रधानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय रहते निर्णय नहीं लिया तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन होगा। 20 मई को लखनऊ में आयोजित धरना-प्रदर्शन में जिले के प्रधान भी शामिल होंगे।