सिढ़पुरा। कस्बा में निराश्रित कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। इससे राहगीर और पालतू पशु दोनों असुरक्षित हैं। हिंसक कुत्ते आए दिन मवेशियों को अपना शिकार बना रहे हैं। वहीं, राजकीय पशु चिकित्सालय में कुत्तों के काटने पर लगने वाले एंटी-रेबीज इंजेक्शन (वैक्सीन) उपलब्ध नहीं हैं।
सरकारी अस्पताल से दवा न मिलने के कारण गरीब पशुपालकों को बाजार से महंगे दामों पर वैक्सीन खरीदनी पड़ रही है। इससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। चिकित्सालय के स्टाफ ने बताया कि पिछले छह माह से अस्पताल में यह वैक्सीन उपलब्ध नहीं हुई है। इस कारण पशुपालकों को मायूस होकर लौटना पड़ता है।
गांव किलोनी निवासी मुनक्कू ने बताया कि उनके कई पालतू पशुओं को कुत्तों ने काट लिया। उन्हें बाजार से रुपये खर्च कर वैक्सीन खरीदनी पड़ी। ग्रामीण केशव की गाय के बछड़े और पशुपालक शीटू की बछिया पर भी कुत्तों ने हमला किया था।
ग्रामीण सोनू की गाय की बछिया भी कुत्तों के झुंड के हमले में घायल हुई, लेकिन अस्पताल में वैक्सीन नहीं मिली। चिकित्सालय के अधीक्षक ब्रज किशोर ने बताया कि एंटी रेबीज वैक्सीन लंबे समय से उपलब्ध है और इसकी डिमांड भेजी गई है। संवाद