कासगंज। दिहाड़ी मजदूरों को अब काम की तलाश में सड़क किनारे घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिले में पहली बार श्रमिकों के लिए सुविधायुक्त और व्यवस्थित लेबर चौक विकसित किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। श्रम विभाग ने कासगंज, सोरों और गंजडुंडवारा नगर निकायों से जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव मांगा है। यहां श्रमिकों के लिए बैठने, ठहरने और मनोरंजन तक की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
अभी तक जिले में बड़ी संख्या में मजदूर सुबह से ही मुख्य चौराहों, बाजारों और सड़कों के किनारे काम मिलने की उम्मीद में खड़े रहते हैं। इससे उन्हें धूप, बारिश और असुरक्षा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। श्रम विभाग अब इस पर स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रहा है।
योजना के तहत तीनों क्षेत्रों में 200 से 400 वर्ग मीटर तक जमीन की आवश्यकता बताई गई है। जमीन उपलब्ध होने के बाद लेबर चौक का निर्माण कराया जाएगा। इनको केवल मजदूरों के जुटने की जगह नहीं, बल्कि श्रमिक सुविधा केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
प्रस्तावित लेबर चौकों में श्रमिकों के लिए शेड, पेयजल, शौचालय और बिजली की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा बाहर से आने वाले मजदूरों के रात में रुकने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उन्हें खुले आसमान के नीचे रात न बितानी पड़े। श्रम विभाग ने श्रमिकों के लिए मनोरंजन की व्यवस्था पर भी जोर दिया है। खाली समय में मजदूर समाचार और अन्य कार्यक्रम देख सकें, इसके लिए टीवी लगाने की योजना है।
वर्जन
तीनों निकायों में श्रमिकों के लिए लेबर चौक बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने को प्रस्ताव भेजा है। जमीन की उपलब्धता होने के बाद ले आउट तैयार करके शासन को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने पर इनके निर्माण की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा- विद्या प्रकाश शर्मा, सहायक श्रम आयुक्त