पटियाली। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के सामाजिक कार्य विभाग की ओर से जल जीवन मिशन के प्रभावों का आकलन करने के लिए तीसरे चरण का सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है। यह महत्वपूर्ण अध्ययन नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है।
सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर जल योजना के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों को समझना है। टीम यह जानकारी एकत्रित करेगी कि स्वच्छ पेयजल से डायरिया और टाइफाइड जैसी जल-जनित बीमारियों में कितनी गिरावट आई है। लोगों के दैनिक जीवन और आर्थिक स्थिति में क्या बदलाव हुए हैं। घर में पानी उपलब्ध होने से महिलाओं के समय की बचत और उनके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव। गांवों में बनी पानी की टंकियों, पंप हाउस और पाइपलाइन की कार्यक्षमता की जमीनी जांच।
उत्तर प्रदेश जल निगम के अधिशासी अभियंता अरुण सिंह के सहयोग से सर्वेक्षण के लिए जनपद के कासगंज, अमांपुर, सोरों, सहावर, गंजडुंडवारा और पटियाली विकासखंड के गांवों का चयन किया गया है। विशेष रूप से अजीजपुर और करणपुर नगला नुनेरा गांव में 13 मई 2026 तक गहन फील्ड वर्क किया जाएगा।
इस अध्ययन का नेतृत्व प्रोफेसर नसीम अहमद खान, डॉ. मोहम्मद ताहिर, डॉ. कुर्तुल एन अली सहित एएमयू के वरिष्ठ शिक्षाविद कर रहे हैं। फील्ड में शोध सहायक और समन्वयकों की बड़ी टीम सक्रिय है। वहीं, जल निगम (ग्रामीण) की ओर से सहायक अभियंता ज्ञान सिंह और जूनियर इंजीनियर अजीत सिंह के निर्देशन में विभाग की तकनीकी टीम और डीपीएमयू के सदस्य सर्वे टीम को तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहे हैं।