फोटो24सहावर के गांव नगला मांधो में मृतकों का शव पहुंचने के बाद रोते बिलखते परिजन ।संवाद
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सहावर। घर के आंगन में बच्चों की किलकारियां थीं, पत्नी के साथ जिंदगी के सपने थे, लेकिन एक पल में सब कुछ उजड़ गया। बिजली ने नगला मांधो के तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। बुधवार को हादसे में जान गंवाने वाले तीनों लोगों के शव देर रात गांव पहुंचे तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। अपनों को खोने का दर्द ऐसा था कि गांव के कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। बृहस्पतिवार सुबह आसपास के कई गांवों से लोग शोक जताने पहुंचे। हर आंख नम थी और हर चेहरा गमगीन।गांव नगला मांधो निवासी नीरज (35) पुत्र अतर सिंह, रामवती उर्फ रामू (36) पत्नी सुभाष और कशिश (11) पुत्री सुभाष बुधवार को गांव से 100 मीटर दूर सूख रही मक्का की फसल पर तिरपाल डालने गए थे। बारिश से बचने के लिए तीनों पास के पीपल के पेड़ के नीचे खड़े हो गए। तभी अचानक बिजली गिरी और तीनों उसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। देर रात पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचे तो परिवारों का दुख संभाले नहीं संभल रहा था। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। गांवों में शव पहुंचने की सूचना मिलने के बाद बृहस्पतिवार की सुबह आस-पास के कई गांवों के लोग शवों के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। -
मासूमों को क्या पता, अब नहीं लौटेंगे पापा
कासगंज। नीरज की मौत ने उसके परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया। पत्नी भूमि के सामने अब तीन साल के बेटे अर्चित और एक साल की बेटी गोपिका की परवरिश की चिंता है। जिन बच्चों को अभी दुनिया की समझ तक नहीं है, उन्हें यह भी नहीं पता कि उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है। वे बड़े होंगे तो पिता की कमी हर कदम पर महसूस करेंगे। पति को खोने के गम में भूमि का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को इस हाल में देखकर सांत्वना देने पहुंचे लोगों की आंखें भी भर आईं।
गांव में पसरा सन्नाटा, कछला में अंतिम विदाई
तीन लोगों की एक साथ मौत से नगला मांधो में मातम छाया रहा। बृहस्पतिवार की सुबह से ही लोग पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने पहुंचते रहे। गांव में सन्नाटा पसरा था और कई घरों में चूल्हे नहीं जले। बाद में परिजन तीनों शवों को कछला गंगाघाट ले गए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। एक हादसे ने तीन परिवारों को ऐसा दर्द दिया, जिसकी टीस लंबे समय तक बनी रहेगी।