कासगंज। बरसात के मौसम में शहर के जर्जर और खस्ताहाल मकानों के ढहने का खतरा मंडराने लगा है। संभावित हादसों की आशंका देखते हुए नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।
अधिशासी अधिकारी (ईओ) विवेक त्रिपाठी ने पालिका क्षेत्र के ऐसे सभी खतरनाक और खस्ताहाल भवनों का सर्वे कर उन्हें चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अवर अभियंता (जेई), सुपरवाइजरों और वार्ड सभासदों से जर्जर भवनों की सूची मांगी गई है। सड़कों और व्यस्त बाजारों के किनारे स्थित जर्जर भवन राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। शहर के मुख्य इलाकों में वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है। सूत की मंडी, मोहल्ला नाथूराम क्षेत्र में बना मकान काफी समय से जर्जर है। इस भवन के पास व कमरे में गोवंश बंधे रहते है। इस मार्ग से सूत की मंडी बाजार में प्रतिदिन काफी संख्या में लोग गुजरते है।
बरसात में इस मकान के ढहने से कभी भी हादसा हो सकता है। वहीं जामा मस्जिद इलाके में सोरों गेट की ओर जाने वाले मार्ग पर बना मकान का आधा हिस्सा जर्जर होकर गिर गया है। मकान का दूसरा हिस्सा भी खस्ताहाल है।
इस मार्ग से सदर तहसील, सीओ व चकबंदी कार्यालय जाने के लिए लोगों का आवागमन रहता है। ऐसे में जर्जर भवन धराशायी होने पर हादसे की आशंका बनी रहती है। सदर विकास खंड में संचालित ओडीएफ बार रूम भवन भी काफी जर्जर हो गया है। कमरे का प्लास्टर उखड़ रहा है। बरामदा भी जर्जर हो गया है।
ईओ विवेक त्रिपाठी ने बताया कि जर्जर भवनों को प्राथमिकता से चिह्नित करने के लिए जेई व सुपर वाइजर को निर्देश दिए हैं। पालिका के सभी सभासद से ऐसे भवनों के बारे में सूचना मांगी गई है। उन्होंने बताया कि 7 दिन में सर्वे कराकर सूची तैयार कर सदर एसडीएम को सौंपी जाएगी।
पूर्व में भी तीन जर्जर भवनों की सूचना एसडीएम कार्यालय भेजी गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भवन अत्यधिक जर्जर स्थिति में है या उसके गिरने की आशंका है, तो इसकी सूचना तत्काल पालिका कार्यालय को दें।
बरसात के दौरान ऐसे भवनों के आसपास अनावश्यक रूप से खड़े न हों और बच्चों को भी वहां जाने से रोकें।