सिढ़पुरा। कस्बे में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है जिससे राहगीर, दुकानदार और स्थानीय लोग बुरी तरह त्रस्त हैं। सड़कों से लेकर घरों की छतों, दुकानों और खेतों तक बंदरों की उछल-कूद ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
पटियाली मार्ग पर सुबह के समय 100 से अधिक बंदरों के झुंड निकलने से राहगीरों में हमेशा डर बना रहता है। पटियाली मार्ग के अलावा कायस्थान, इंद्रपुरी, इंदिरा नगर, गांधी नगर, नेहरू नगर और इस्लाम नगर सहित कई मोहल्लों में इनका उत्पात है।
आंबेडकर पार्क में भी बंदरों की मौजूदगी से लोग परेशान हैं। सिढ़पुरा विकास खंड कार्यालय में करीब एक सप्ताह पहले लगाई गई सोलर लाइट की केबल भी बंदरों ने काट दी है जिससे लाइट बंद हो गई है।
बंदर घरों की छतों पर रखी पानी की टंकियों, बिजली के केबलों, कपड़ों और चप्पलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। दुकानों के आगे लगी टिन तोड़ना भी आम समस्या बन गई है। यह गंभीर खतरा बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब छह माह पहले नेहरू नगर निवासी पप्पन की पत्नी पर छत पर बंदर ने हमला कर दिया था डर से वह नीचे गिर पड़ी और उनकी मौत हो गई थी।
क्या बोले लोग
कस्बे में बंदरों की संख्या बहुत अधिक हो गई है। आए दिन नुकसान पहुंचाते हैं और बच्चों पर भी हमला कर देते हैं। लोगों को घरों और गलियों में भी सतर्क रहना पड़ता है। समाधान होना चाहिए। - नवीन तिवारी
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पटियाली मार्ग पर दुकानों के सामने लगी टिन को बंदर तोड़ देते हैं। दुकानदारों को परेशानी होती है और सामान को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। - सचिन शर्मा
वर्जन :
बंदरों को पकड़ने सहित संबंधित कार्रवाई वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है। यदि वन विभाग इस संबंध में कोई कार्रवाई करता है तो नगर निकाय की ओर से पूरा सहयोग किया जाएगा। - सर्वेश गंगवार, अधिशासी अधिकारी
फोटो 14 - कस्बा सिढ़पुरा में एक घर की दीवार पर बैठा बंदरों का झुंड। संवाद
फोटो 14 - कस्बा सिढ़पुरा में एक घर की दीवार पर बैठा बंदरों का झुंड। संवाद
फोटो 14 - कस्बा सिढ़पुरा में एक घर की दीवार पर बैठा बंदरों का झुंड। संवाद