सोरोंजी। तीर्थनगरी में बंदरों का बढ़ता उत्पात स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नासूर बन गया है। नगर के विभिन्न मोहल्लों में बंदरों के झुंड लोगों का जीना मुहाल किए हुए हैं। स्थिति यह है कि बंदर राहगीरों पर झपट्टा मारकर खाने-पीने का सामान छीन रहे हैं, वहीं बच्चों को काटने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
चौदह पौर, मढई, बाहर दलान, अंदर दहलान, टेढ़ा नीम, बारू बाजार , चक्रतीर्थ, रामसिंहपुरा, अनाज मंडी, रोडवेज बस स्टैंड, बदरिया, कछला गेट, लहरा रोड और सहावर गेट समेत कई मोहल्लों में प्रकोप सबसे अधिक है।
सुबह 5 से 6 बजे के बीच 200 से अधिक बंदरों के झुंड सड़कों पर कब्जा जमा लेते हैं जिससे यातायात तक ठप हो जाता है। दोपहर होते ही गलियों और छतों पर इनका डेरा आम नागरिकों का आवागमन प्रभावित कर रहा है।
अंशुल भारद्वाज सहित अन्य नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों राजीव महेरे, योगेश शर्मा, मोहन अग्रवाल, अतुल भारद्वाज, शैलेश मित्तल, अनिल शर्मा ने बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जाने की मांग की है।
सभासद ने चलाया हस्ताक्षर अभियान
समस्या से निजात पाने के लिए सभासद रिंकू पचौरी के नेतृत्व में जनता से हस्ताक्षर कराकर एक विशेष अभियान शुरू किया गया है ताकि प्रशासन पर दबाव बनाकर बंदरों को पकड़वाकर जंगलों में छुड़वाया जा सके। स्थानीय निवासी अमित पाठक ने याद दिलाया कि करीब 10 वर्ष पूर्व तत्कालीन अध्यक्ष अर्चना पप्पू यादव के कार्यकाल में ऐसा अभियान चला था जिससे राहत मिली थी, लेकिन लंबे समय से सुस्ती के कारण फिर से इनकी संख्या बेकाबू हो गई है।
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जल्द ही वन विभाग की टीम से संपर्क कर बंदरों को पकड़वाने का अभियान चलाया जाएगा। - नगर पालिका अध्यक्ष रामेश्वर दयाल महेरे
तीर्थनगरी में बंदरों के हमले की कई घटनाएं हो चुकी हैं
सोरोंजी में तीन महीने पहले कस्बे के मोहल्ला मढ़ई निवासी माधव तिवारी की पुत्री तन्वी (8) वर्ष को बंदर ने पैर में काट लिया था। स्टेशन रोड निवासी गोपाल भारद्वाज की पुत्री पावनी (10) को बंदर ने पीठ पर काट लिया था। दो माह पूर्व भागीरथी इंटर कालेज के छात्र संदीप को बंदरों ने पीठ पर काट लिया था। इसी माह भरतपुर की महिला श्रद्धालु सुरजो देवी (50) को बंदरों ने हरि की पौड़ी क्षेत्र में काट लिया था। होडलपुर निवासी राजू की पुत्री निधि को बंदर ने हाथ में काट लिया था। 6 माह पूर्व पीली कोठी रोड पर घर के बाहर खेल रही बच्ची प्रिया को बंदरों ने काट लिया था।
लोगों की बात-
- बंदर स्थानीय लोगों के अलावा बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को काटकर खाने पीने की वस्तुएं बंदर छीन ले जाते हैं। -अंशुल भारद्वाज, सोरोंजी
- बदरिया सहित अन्य स्थानों पर बंदरों का आतंक है। सुबह जब टहलने निकलते हैं तो इनके कारण टहलने नहीं जा पाते। - सुनील माहेश्वरी, बदरिया
- होडलपुर में बंदरों का काफी आतंक है। कई छोटे स्कूली बच्चे स्कूल जाते समय इनका शिकार हो चुके हैं। काटकर घायल कर देते हैं। - संजय उपाध्याय, होडलपुर
- बंदरों के काटने के एक या दो मरीज रोज इलाज के लिए आते हैं। नगर पालिका को इन्हें पकड़वाकर दूर जंगल में छुड़वाना चाहिए। - डाॅ. एसी शर्मा
बोले जिला वन अधिकारी
- सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार बंदर पकड़ने की जिम्मेदारी नगर निकाय की है। निकाय ही बंदर पकड़वाने के लिए निकाय ही टेंडर प्रक्रिया करते हैं। - संजीव कुमार, जिला वन अधिकारी
फोटो 17- तीर्थनगरी में बंदरों को पकड़ने को हस्ताक्षर अभियान चलाते सभासद। स्रोत स्वयं
फोटो 17- तीर्थनगरी में बंदरों को पकड़ने को हस्ताक्षर अभियान चलाते सभासद। स्रोत स्वयं
फोटो 17- तीर्थनगरी में बंदरों को पकड़ने को हस्ताक्षर अभियान चलाते सभासद। स्रोत स्वयं
फोटो 17- तीर्थनगरी में बंदरों को पकड़ने को हस्ताक्षर अभियान चलाते सभासद। स्रोत स्वयं
फोटो 17- तीर्थनगरी में बंदरों को पकड़ने को हस्ताक्षर अभियान चलाते सभासद। स्रोत स्वयं