फोटो44लहरा गंगाघाट से डमरू वाली कांवड़ लेकर जाता फिरोजाबाद का कांवडि़या योगेश । संवाद
कासगंज। शिवरात्रि से पूर्व जिले में श्रद्धा का अतिरेक नजर आया। शिवभक्तों ने अपनी कांवड़ों को न केवल आकर्षक रूप से सजाया, बल्कि शिव के स्वरूपों को भी कांवड़ों में दर्शाया। ये कांवड़े कांवड़ मेला में आकर्षण का केंद्र रहीं, हर कोई इनके साथ सेल्फी लेने के लिए उत्सुक नजर आया। जैसे ही बाजारों से यह आकर्षक कांवड़ें निकलीं तो जहां तहां लोग इन्हें देखने के लिए खड़े हो जाते।
फिरोजाबाद के फरिहा के योगेश ने डमरू कांवड़ निकाली। कांवड़ के दोनों ओर बड़े बड़े डमरू बने हुए थे। इसमें गंगाजली रखकर कांवड़ ले जाई जा रही थी। योगेश अपने साथी के साथ आए थे और इस कांवड़ को भरकर फरिहा के लिए जा रहे थे। वहीं शमसाबाद के 125 लोगों की टोली ने 25 हजार गंगाजली की कांवड़ ट्रैक्टर ट्रॉली पर तैयार कराई।
इसमें भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने के लिए शिवभक्त गंगाजल भरकर ले गए। टोली नायक श्रीभगवान निवासी नयाबांस ने बताया कि कई दिन पहले से इस कांवड़ के लिए तैयारियां की गईं थीं। 125 साथियों के साथ यह कांवड़ ले जाई जा रही है। वहीं भरतपुर के कांवड़िये दिनेश चंद्र पालकी कांवड़ भरकर ले गए। पालकी में रखे कलश में गंगाजल था और चार लोग इस पालकी को कहार कांवड़िया बनकर ले जा रहे थे। शिकोहाबाद के 20 कांवड़ियों की टोली आदियोगी महादेव के स्वरूप के साथ कांवड़ लेकर रवाना हुई। टोली नायक अभिषेक व उसके साथियों ने उत्साह के साथ कांवड़ को उठाया। सभी कांवड़िये केसरिया रंग की टी-शर्ट पहने हुए थे। भोलेनाथ की जय जयकार करते हुए यह टोली लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी। संवाद