फोटो 14 कासगंज में छाए बादल। स्रोत: संवाद
कासगंज। शुक्रवार रात हुई हल्की बारिश से मौसम बदलने की जो उम्मीद जगी थी, वह शनिवार दोपहर होते-होते काफूर हो गई। सुबह के समय बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही हवा में बढ़ी नमी ने भारी उमस का रूप ले लिया। आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद धूप न होने पर भी लोग पसीने से तरबतर होते रहे।
मौसम विभाग के मुताबिक, जिले में बारिश बेहद सीमित रही। सहावर में तीन मिलीमीटर, जबकि कासगंज और पटियाली में महज एक-एक मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इस हल्की बूंदाबांदी के कारण वातावरण में नमी इतनी बढ़ गई कि शनिवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड होने के बाद भी गर्मी का अहसास कहीं ज्यादा रहा। इस चिपचिपी गर्मी के आगे घरों और बाजारों में पंखे, कूलर बेअसर साबित हुए। उमस के चलते दोपहर के वक्त सड़कों और प्रमुख बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और लोगों ने केवल सुबह या शाम के समय ही जरूरी कामों के लिए बाहर निकलना मुनासिब समझा। राहगीर और दुकानदार दिनभर हाथों से पंखा झलते और कपड़े से पसीना पोंछते हुए बेहाल नजर आए।
फोटो 14 कासगंज में छाए बादल। स्रोत: संवाद