कासगंज/मोहनपुरा। जिले में रात को बारिश के बाद दिन में चली तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल कई स्थानों पर जमीन पर बिछ गई, जबकि पक चुकी सरसों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। मौसम के इस अचानक बदले मिजाज से किसान परेशान हैं और फसल को हुए नुकसान को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
जिले में करीब एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की खेती की गई है, जबकि लगभग 20 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल बोई गई है। सरसों की फसल लगभग पक चुकी है और कई स्थानों पर किसानों ने इसकी कटाई भी शुरू कर दी थी। रविवार को दिनभर चली तेज हवाओं ने खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया। हवा के तेज झोकों से गेहूं और जौ की फसल कई जगहों पर खेतों में ही बिछ गई। वहीं, सरसों की फलियां झड़ने से पैदावार पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों के अनुसार यदि मौसम का यही रुख बना रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार तेज हवाओं से फसलों को करीब 10 से 15 प्रतिशत तक नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। किसान अब मौसम साफ होने और फसल को और नुकसान से बचाने की उम्मीद कर रहे
किसानों की बात
दो दिन पहले गेहूं में पानी लगाया था। मौसम का रुख बदलने पर तेज हवा से अधिकांश फसल गिर गई है। फसल गिरने से पैदावार कम हो जाएगी। जिससे मन काफी चिंतित हो गया है।- अतेंद्र कुमार, रामपुर
बाजार में कीमत कम मिलने के कारण आलू की खुदाई नहीं कराई थी। बारिश के बाद तेज धूप से आलू के खराब होने का खतरा है। अब जल्दी ही आलू की खुदाई करानी पड़ेगी। - विपन चौहान, निजामपुर
बरसात के बाद चली तेज हवा से खेतों के खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है। जल्द ही मौसम में सुधार न हुआ तो ज्यादा नुकसान होगा। - परमजीत सिंह, अफजलपुर
तीन दिन पहले सरसों की फसल की कटाई हुई थी। फसल को सुखाने के उद्देश्य से खेत में ही फैला दिया था। अचानक मौसम बदला और रात में ही बारिश हुई जिससे कटी हुई सरसों भीग गई है।- जय सिंह, नगला भीम
जनपद में हुई बूंदाबांदी के बाद चली तेज हवाओं से गेहूं की फसल प्रभावित हुई हैं। फसल गिरने से गेहूं का दाना पतला होगा जिसका फसल की पैदावार पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। 10 से 15प्रतिशत तक पैदावार घट सकती है। किसान इस समय सिंचाई बिल्कुल भी न करें। हवा के रुकने के बाद ही सिंचाई का कार्य करें। - डॉ. अवधेश मिश्र, जिला कृषि अधिकारी
फोटो 04 कासगंज मोहनपुरा क्षेत्र में गिरी गेहूं की फसल। स्रोत: संवाद