कासगंज। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की बैठक पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में हुई। प्रांतीय अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल ने विभिन्न इकाइयों के अध्यक्षों और महामंत्रियों से व्यापारिक समस्याओं व संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान व्यापारियों ने बैंकिंग शुल्क, ई-वे बिल, मंडी किराया, आयकर और सर्राफा कारोबार से जुड़े कई मुद्दे प्रमुखता से उठाए।
व्यापारियों ने यूपीआई लेनदेन पर किसी भी प्रकार का टैक्स लगाए जाने का विरोध किया। साथ ही नकद जमा और निकासी पर बैंकों द्वारा लिए जाने वाले कैश हैंडलिंग व ट्रांजेक्शन चार्ज को समाप्त करने की मांग रखी। मंडी व्यापारियों ने बताया कि चुनाव के दौरान करीब दो माह तक दुकानें खाली कराई जाती हैं, फिर भी इस अवधि का किराया वसूला जाता है। उन्होंने चुनाव अवधि का किराया माफ करने के साथ ही चुनाव और जनगणना जैसे सरकारी कार्य ऐसे परिसरों में कराने की मांग की, जहां व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
ई-वे बिल की मौजूदा 50 हजार रुपये की सीमा बढ़ाकर कम से कम दो लाख रुपये करने की भी मांग की गई। नगर अध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल ने निर्धारित सीमा से कम डिजिटल लेनदेन पर ऑडिट की अनिवार्यता वाले आयकर प्रावधान पर पुनर्विचार कर इसे समाप्त करने की बात कही। उन्होंने सर्राफा व्यापारियों का मुद्दा उठाते हुए बीएनएस की धारा 411 और 412 के नाम पर हो रही उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। इस मुद्दे को शासन-प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाने पर सहमति बनी।