कासगंज/पटियाली। जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में लंबे समय से पानी ठहराव के कारण संक्रामक रोग तेजी से फैल रहे हैं। सर्वाधिक मरीज वायरल बुखार के हैं। घर-घर में चारपाइयां बिछी हैं और लोग स्वास्थ्य टीमों के इंतजार में हैं। नगला जैली में एक वृद्ध की बुखार से मौत हो गई। गांव के अन्य लोग भी इसकी चपेट में हैं। गंगा का कोप शांत होने का नाम नहीं ले रहा। बैराजों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे जलस्तर और बढ़ने के आसार हैं।
बुखार से मौत का शिकार हुए 60 वर्षीय वृद्ध धर्म सिंह को कई दिनों से बुखार आ रहा था। शनिवार को उनकी मौत हो गई। गांव में मोरश्री, सुमन, महावीर सिंह, कप्तान सिंह, लता, गोलू, हेमंत, सौरभ और विनय समेत कई अन्य ग्रामीण भी बुखार से पीड़ित मिले। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में नहीं आ रही है। इस कारण पीड़ितों का सही इलाज नहीं हो पा रहा। गांव के निजी चिकित्सकों से ही दवा लेनी पड़ रही है। बाढ़ प्रभावित अन्य गांवों—नगला दुर्जन, राजेपुर कुर्रा, नगला जयकिशन, मूंझखेड़ा, पनसोती नगला और नगला दिपी में भी बुखार का प्रकोप है। लोग अन्य बीमारियों की चपेट में भी आ रहे हैं। बाढ़ का पानी भरा होने के कारण मरीज आसानी से पटियाली तक नहीं पहुंच पाते। क्षेत्र में कोई स्वास्थ्य केंद्र भी नहीं है।
वृद्ध के अंतिम संस्कार में हुईं दिक्कतें
बुखार से मरे वृद्ध धर्म सिंह के अंतिम संस्कार में परिजनों और ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गांव के श्मशान स्थल में बाढ़ का पानी भरा था, इसलिए शव को पानी से होकर करीब तीन किलोमीटर दूर सूखे स्थान पर ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया।
नगला दुर्जन और मूंझखेड़ा में पहुंचीं स्वास्थ्य टीमें
बाढ़ प्रभावित इलाकों में बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए पटियाली की स्वास्थ्य टीमें नगला दुर्जन और मूंझखेड़ा गांव पहुंचीं। टीमों ने मरीजों का परीक्षण कर दवाएं दीं। नगला दुर्जन में 51 और मूंझखेड़ा में 46 मरीजों की जांच की गई। ये मरीज बुखार, दस्त, त्वचा रोग, सर्दी और खांसी से पीड़ित थे। चिकित्साधीक्षक डॉ. आकाश सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य टीमें लगातार मरीजों की जांच कर दवाएं दे रही हैं। जहां से सूचना मिलती है, वहां टीम पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि नगला जैली से कोई सूचना नहीं मिली थी, इसलिए वहां शिविर नहीं लगा। अब जल्द स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा।
बोले ग्रामीण
· डेढ़ माह से बाढ़ का पानी गांव में भरा है। काफी लोग बुखार की चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में नहीं आई है—राहुल सिंह, नगला जैली।
· बाढ़ का पानी भरा होने से काफी परेशानियां हैं। आवागमन में दिक्कतें हैं। न नाव का इंतजाम प्रशासन ने किया और न ही चिकित्सक गांव पहुंच रहे हैं—अखिलेश यादव, नगला जैली।
· मेरे ताऊ को कई दिनों से बुखार आ रहा था। चारों ओर पानी भरा है। इलाज के लिए बाहर भी नहीं ले जा सके और उनकी मौत हो गई—अवध पाल, नगला जैली।
बैराजों से पानी का प्रवाह
हरिद्वार बैराज से—1,13,450 क्यूसेक
बिजनौर बैराज से—1,12,528 क्यूसेक
नरौरा बैराज से—87,053 क्यूसेक
कछला ब्रिज—162.56 मीटर के निशान पर
फोटो 33- बाढ़ प्रभावित गांव नगला जैली में बाढ़ के पानी से गुज़रते हुये ग्रामीण। संवाद- फोटो : शिक्षक अश्वनी जैन को सम्मानित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। स्रोत: स्वयं