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Kasganj News: गंगा की धारा फिर बरौना के खिलाफ

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फोटो 19- बरौना में तटबंध पर कटान करती गंगा की धारा। स्रोत संवाद
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कासगंज। जिले का बरौना गांव पिछले चार वर्षों से कटान की त्रासदी झेल रहा है। अब शुक्रवार से गंगा की धारा ने कटान सुरक्षा के लिए बनाए गए तटबंधों को फिर से काटना शुरू कर दिया है। तटबंधों की कटान थामने की कोशिश जारी है लेकिन यदि यह नहीं रुका तो बरौना के अस्तित्व पर फिर संकट खड़ा हो जाएगा। समीपवर्ती कई गांव भी प्रभावित हो सकते हैं।
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वर्ष 2022 में बरौना में गंगा का कटान शुरू हुआ। यह इतना तेज हुआ कि सैकड़ों बीघा कृषि भूमि काटते हुए नदी आबादी तक पहुंच गई। पक्की सड़कें कट गईं, कई घर उजड़ गए। मामले की गूंज शासन तक पहुंची तो कटानरोधी कार्य शुरू हुए। पहले सिंचाई विभाग ने कच्चे तटबंध बनवाए, लेकिन ये सफल नहीं हो पाए। इस बार करीब 350 मीटर क्षेत्र में बोल्डर पिचिंग कर तटबंध बनाया गया, जबकि गंगा का कटान क्षेत्र करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा है। जहां बोल्डर पिचिंग हुई, वहां कटान नहीं हुआ, लेकिन कच्चे तटबंधों पर धारा ने कटान तेज कर दिया है। गंगा अभी भी तटबंध को काट रही है। सिंचाई विभाग की टीमें रेत के बोरे लगाकर कटान थामने में जुटी हैं, लेकिन पूरी सफलता नहीं मिल सकी है।
शनिवार को पूरे दिन ग्रामीण कटानरोधी कार्यों को देखते रहे। बरौना के काली मंदिर के पास यह कटान हो रहा है। केवल बरौना ही नहीं, बल्कि आसपास के बस्तौली, ब्रह्मपुर और गजौरा गांवों को भी खतरा बढ़ गया है, क्योंकि कटान के बाद गंगा की धारा का रुख आगे की ओर बढ़ेगा।

फोटो 19- बरौना में तटबंध पर कटान करती गंगा की धारा। स्रोत संवाद

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