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Kasganj News: नवविवाहिता की दहेज हत्या के आरोपी जेठ-जिठानी को नहीं मिली जमानत

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कासगंज। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या-1 के पीठासीन अधिकारी अनुतोष कुमार शर्मा ने नवविवाहिता प्रभा की दहेज हत्या के मामले में नामजद आरोपी जेठ सुभाष, अविनाश और जिठानी पुष्पा की अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया।
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गांव रामनगर निवासी भानू प्रताप सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया था कि उनकी पुत्री प्रभा ने नगला गुलाबी निवासी पारस पुत्र भगवती के साथ प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से ही पारस के बड़े भाई सुभाष, अविनाश, मां सहोदरा और जेठानी पुष्पा व सुमन उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे थे। आरोपी लगातार दहेज की मांग कर रहे थे। आरोप है कि 24 अप्रैल 2026 की शाम को आरोपियों ने प्रभा को जहर देकर मार डाला। उन्होंने उसके ससुरालियों पर दहेज हत्या के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले में आरोपी जेठ और जिठानी ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अग्रिम जमानत के लिए आरोपियों के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उन्हें पारिवारिक द्वेष के चलते झूठा फंसाया गया है। मृतका के पेट में दर्द उठने की वजह से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन मायके पक्ष के लोगों ने अस्पताल में उत्पात मचाया और जबरन ड्रिप निकाल दी, जिससे अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। चूंकि प्रेम विवाह था, इसलिए मायके वाले इस शादी से खुश नहीं थे। बदले की भावना से उन्होंने जेठ-जिठानी को आरोपी बना दिया। आरोपियों के वकील ने कोर्ट को यह भी दलील दी कि वे शादी के पहले से ही अलग रह रहे थे। वहीं, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने उनकी अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपियों ने मिलकर शादी के महज पांच माह के भीतर उसकी दहेज हत्या कर दी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुतोष कुमार शर्मा ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद तीनों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
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