गंजडुंडवारा। गंगा किनारे बसे इंदाजशनपुर गांव में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था न होने से ग्रामीणों की परेशानी बरकरार है। कच्ची नाली होने के कारण हर साल मिट्टी और सिल्ट से रास्ता अवरुद्ध हो जाता है। बारिश अथवा बाढ़ के दौरान पानी की निकासी नहीं होने से गांव में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि नन्हे बघेल के घर तक पक्का नाला बनाकर उसे आगे बनी जल निकासी व्यवस्था से जोड़ दिया जाए तो समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। इंदाजशनपुर बड़ा गांव है और कादरगंज से नीचे की ओर बसा हुआ है।
कादरगंज स्थित माैनी बाबा आश्रम क्षेत्र समेत आसपास के बड़े भूभाग का पानी भी इसी ओर आता है। ऐसे में गांव में पानी का दबाव बढ़ने पर जल निकासी की समस्या गंभीर हो जाती है। लोक निर्माण विभाग की ओर से नन्हे बघेल के घर के पास पानी की निकासी की व्यवस्था की गई है, लेकिन वहां तक पानी पहुंचाने के लिए पक्का नाला नहीं बनाया गया है।
मौजूदा कच्ची नाली प्रत्येक वर्ष बारिश के दौरान बंद हो जाती है। इसके बाद पानी गांव की ओर फैलने लगता है। कई बार पानी सड़क के ऊपर से बहने के कारण सड़क कट जाती है और आवागमन भी प्रभावित होता है। ग्रामीणों के मुताबिक, समस्या के समाधान के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों से पक्का नाला बनवाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब बंद होने और बड़े क्षेत्र का पानी गांव की ओर आने से स्थिति और विकट हो जाती है। कच्ची नाली से निकासी कराने के दौरान पानी के दबाव को लेकर विवाद की स्थिति भी बनती है। उन्होंने जनहित में नन्हे बघेल के घर तक जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर पक्का नाला बनवाने की मांग की है।
ग्रामीणों की बातचीत :
बारिश और बाढ़ के समय पानी गांव में घुसने लगता है। निकासी का स्थायी रास्ता नहीं होने से सड़क के ऊपर से पानी बहता है और कई बार सड़क भी कट जाती है। नन्हे बघेल के घर तक पक्का नाला बन जाए तो पानी आसानी से निकल जाएगा । - संग्राम सिंह चौहान
कच्ची नाली हर साल मिट्टी और सिल्ट से बंद हो जाती है। बड़े क्षेत्र का पानी गांव की तरफ आने से जलभराव की स्थिति बन जाती है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की लेकिन समाधान नहीं हुआ। - राकेश कुमार
फोटो 35 - संग्राम सिंह चौहान। स्रोत : संवाद
फोटो 35 - संग्राम सिंह चौहान। स्रोत : संवाद