सहावर। क्षेत्र में हरे-भरे आम के पेड़ों के अवैध कटान का मामला सामने आया है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के तमाम दावों की पोल खुल रही है। आरोप है कि काटे गए पेड़ों की लकड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए कस्बे की आरा मशीनों तक पहुंचाई जा रही है, जहां से उसे चीरकर अन्य जनपदों में भेजा जा रहा है।
कस्बे और आसपास के इलाकों में आम के पेड़ों का कटान तेजी से चल रहा है। स्थानीय निवासी मुस्तफा, शकील कुरैशी, नजीब अहमद और झाझन लाल का आरोप है कि एक तरफ सरकार एक पेड़ मां के नाम जैसे पौधरोपण अभियान चला रही है, वहीं दूसरी तरफ लकड़ी तस्कर धड़ल्ले से हरे पेड़ काट रहे हैं।
खुलेआम ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से लकड़ी आरा मशीनों तक पहुंचाई जा रही है, लेकिन संबंधित विभागों की नजर इस पर नहीं है। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मामले में वन दरोगा विनय कुमार ने कहा कि विभाग की तरफ से सहावर क्षेत्र में किसी भी पेड़ को काटने की अनुमति नहीं दी गई है। यदि अवैध कटान हो रहा है तो सहावर की सभी आरा मशीनों की जांच कराई जाएगी और अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।