कान में सीटी बज रही है या फिर भारीपन महसूस हो रहा है तो इसे नजर अंदाज न करें। ठंड में कान में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल में ईएनटी न होने से ऐसे मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है
बर्फीली हवाओं का प्रकोप
पहाड़ों में बर्फबारी के बाद चल रही बर्फीली हवाओं से इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस हांड़ कंपा देने वाली ठंड से लोगों का हाल बुरा है। सर्दी से कई तरह की बीमारियां शरीर में लग जाती हैं। इसी क्रम में कान शरीर का वह हिस्सा है, जिसे लोग नजरअंदाज करते हैं। खासकर युवाओं को लगता है कि टोपी या मफलर पहनने से उनकी स्टाइल प्रभावित होगी।
कार पर पड़ता है सीधा असर
ऐसे में ठंडी हवा कानों पर भी असर डाल रही है। सर्दी, जुकाम होने पर कान में संक्रमण के मामले भी सामने आ रहे हैं। सीएमएस डाॅ. संजीव सक्सेना का कहना है कि ठंड के कारण नाक से कान के बीच स्थित यूस्टेकियन ट्यूब में नाक से पानी चला जाता है। इस पानी के कारण कान के मध्य में संक्रमण हो जाता है। कई बार कफ के कारण भी ट्यूब ब्लॉक हो जाता है।