कासगंज के सोरोंजी के मानपुर नगरिया में बृहस्पतिवार की शाम को छप्पर में लगी आग की लपटों में दो मासूम बहनों की चीखें दबकर रह गईं। उनकी इस आग में जिंदा ही जलकर मौत हो गई। इनका परिवार दोनों को छप्पर में सोते हुए छोड़कर खेत में चला गया था। दो मासूमों की दर्दनाक मौत की बात जिसने भी सुनी, हर कोई द्रवित हो उठा।
झोंपड़ी में रहता है परिवार
गांव में मोहर सिंह की दयनीय स्थिति है। घर भी पक्का नहीं है। झोंपड़ी ही डली हुई है। मोहर सिंह मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहा था। मोहर सिंह के आठ बच्चे हैं। इनमें तीन पुत्र व पांच पुत्रियां शामिल हैं। बृहस्पतिवार की शाम को मोहर सिंह अपनी दो पुत्रियों को राधिका (5 वर्ष) और नंदिनी (1 वर्ष) को छप्पर में छोड़कर अपने परिवार के साथ खेत पर बथुआ तोड़ने चला गया था। छप्पर में भैंस भी बंधी हुई थी।