फोटो42मोहनपुरा में आयोजित किसान गोष्ठी में किसानों को जानकारी देते कृषि वैज्ञानिक ।स्रोत:व
कासगंज। कृषि विज्ञान केंद्र मोहनपुरा में विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मृदा के संरक्षण विषय पर विस्तार से जानकारी दी गई। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र ने मृदा के स्वास्थ्य के बारे में एवं पारंपरिक खेती से होने वाले लाभ के बारे में बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. नरेश नंदन ने की। कहा कि किसान सिंचाई से पहले यूरिया उर्वरक न डालें। सिंचाई के बाद ओट आने पर ही यूरिया डालें। सिंचाई से पहले डालने पर वह जमीन के काफी नीचे चला जाता है और वह फसल को प्राप्त नहीं हो पाता है।
प्रभारी केवीके डॉ. प्रणवीर सिंह ने मिट्टी में पाए जाने वाले सूक्ष्म तत्वों के बारे में जानकारी दी। इंद्रवीर सिंह सहायक विकास अधिकारी ने मृदा के स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट, हरी खाद, समेत जैव रसायन के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि मृदा में घटते हुए जीवांश कार्बन को भी जैव उर्वरकों से सुधारा जा सकता है। डॉ. गौरव वर्मा ने फसल चक्र के बारे में जानकारी दी। डॉ. सुशील वर्मा ने पशुपालन संबंधी जानकारी दी।
डॉ. रितेश कुमार ने कीट एवं रोग नियंत्रण की जानकारी प्रदान की। डॉ. अदिति दत्त ने मोटे अनाज एवं महिलाओं एवं पुरुषों में प्रजनन क्षमता में कमी आने का कारण संतुलित भोजन न करना एवं फसलों होने वाले रसायनों, रासायनिक खाद का दुष्प्रभाव बताया।
मृदा परीक्षण लैब के प्रभारी आदित्य शर्मा ने मृदा नमूना लेने की विधि साझा की। इस दौरान भगवान सहाय एडीओ कृषि डॉ. आकाश, रजनीश कुमार, गजेंद्र कुमार, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।