मोहनपुरा। जनपद में इन दिनों खेतों में खड़ी धान की फसल में बालियां निकल आई हैं। लहलहाती फसल को देखकर किसानों के चेहरे खिले हुए हैं और वे इस बार बंपर पैदावार की उम्मीद लगाए हुए हैं। जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि जनपद में इस वर्ष 37,790 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई की गई थी। मोहनपुरा सहित रामपुर, अफजलपुर, कांतौर, बेरी, टीकमपुरा सहित अधिकांश क्षेत्रों में फसल की मौजूदा स्थिति काफी अच्छी है। उन्होंने बताया कि धान की फसल में बाली निकलने के बाद का समय बेहद नाजुक होता है। इस अवस्था पर यूरिया का प्रयोग बिल्कुल न करें। किसी भी रोग के पनपने की स्थिति में तत्काल कृषि विशेषज्ञ से संपर्क करें।
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गंधी कीट से बचाव करें
कृषि रक्षा अधिकारी अर्पिता राय ने बताया कि इस समय धान की फसल दुग्धावस्था में है। इस नाजुक अवस्था के वक्त हरे पीले रंग के गंधी कीट का खतरा अधिक रहता है जो बाली से रस चूस लेता है। इससे फसल का उत्पादन सीधे तौर पर प्रभावित होता है। इस कीट का प्रकोप होने पर फसल में अप्रिय गंध आती है। रोकथाम के लिए आसपास साफ सफाई बनाए रखें और लाइट ट्रैप का प्रयोग करें। अधिक प्रकोप की स्थिति में थायोमैथाक्सम अथवा मैलाथियान 5 प्रतिशत धूल जैसे अनुशंसित कीटनाशकों का प्रयोग करें।