कासगंज। मेरा तालाब, मेरी जिंदगी अभियान के तहत तालाबों की सफाई में हो रही देरी और उनमें बढ़ते प्लास्टिक कचरे पर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने अभियान की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जाहिर करते हुए चार ग्राम पंचायतों के सचिवों, प्रशासकों और अवर अभियंताओं को काम में तेजी लाने की सख्त हिदायत दी है।
तालाबों में जमा हो रहा प्लास्टिक और पॉलीथिन पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। इसलिए, डीपीआरओ ने तालाबों की नियमित सफाई और कचरे के सही निपटारे को सबसे जरूरी बताया है। पहले चरण में जिले के 7 तालाबों को प्लास्टिक मुक्त करने का लक्ष्य था, जिसे अब बढ़ाकर 93 नए तालाबों तक कर दिया गया है।
समीक्षा बैठक के दौरान मामूरगंज (कासगंज), गनेशपुर (गंजडुंडवारा), खोजपुर (सहावर) और सरावल (सिढ़पुरा) ग्राम पंचायतों में काम खराब पाया गया। डीपीआरओ ने इन क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने और रोजाना की प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही, उन्होंने कहा कि सरकारी कोशिशों के साथ-साथ ग्रामीणों को भी जागरूक होना होगा ताकि तालाबों को कचरे से बचाया जा सके।