सोरोंजी। ब्राह्मण कल्याण सभा की बैठक में 19 अप्रैल को सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार एवं 20 अप्रैल को भगवान परशुराम जन्मोत्सव मनाने की तैयारियों पर चर्चा की गई।
अध्यक्ष शरद कुमार पांडे ने कहा कि उपनयन (जनेऊ) संस्कार बालक के गायत्री एवं वेद पाठ का अधिकारी बनने हेतु अत्यंत आवश्यक है। संस्कार उपरांत ही बालक को धार्मिक कार्यों का अधिकार प्राप्त होता है। नगर अध्यक्ष धनदीप दघिर्रा ने बताया कि 19 अप्रैल को उपनयन संस्कार, अतिथि एवं कार्यकर्ता सम्मान समारोह, विग्रह पूजन एवं अभिषेक, महाआरती, संकीर्तन एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम करने व 20 अप्रैल को उपनयन संस्कार पूर्ण, हवन, भगवान परशुराम शोभायात्रा का नगर भ्रमण किए जाने पर सर्वसम्मति बनी। बैठक में शुभम मिश्रा, रामभजन तिवारी,शोभित गौड, पंडित नरेश बरबारिया, सौरभ उपाध्याय, गौरभ उपाध्याय, शिव बैंदेल, हरिओम पचौरी, जयप्रकाश त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।