कासगंज। यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 के परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया में जिले के 105 माध्यमिक विद्यालयों की लापरवाही सामने आई है। इन विद्यालयों ने अब तक न तो जियो टैगिंग कराई है और न ही पोर्टल पर आधारभूत सुविधाओं का विवरण अपलोड किया है। इससे परीक्षा केंद्रों के ऑनलाइन सत्यापन और चयन की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस वर्ष परीक्षा केंद्र निर्धारण को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सभी विद्यालयों की जियो टैगिंग और आधारभूत सुविधाओं का ऑनलाइन सत्यापन अनिवार्य किया है। इसके तहत विद्यालय भवन, कक्षों, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, सीसीटीवी सहित अन्य व्यवस्थाओं का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। इसके बावजूद जिले के 269 विद्यालयों में से 105 विद्यालयों ने अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है।
डीआईओएस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जियो टैगिंग और आधारभूत सुविधाओं का विवरण अपलोड नहीं करने वाले विद्यालय परीक्षा केंद्र बनने की दौड़ से बाहर हो सकते हैं। ऐसे विद्यालयों के विद्यार्थियों के परीक्षा केंद्र दूसरे विद्यालयों में आवंटित किए जाएंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक रजनेश कुमार का कहना है कि जियो टैगिंग और ऑनलाइन सत्यापन पूरा होने के बाद ही शासन की गाइडलाइन के अनुसार परीक्षा केंद्रों का अंतिम चयन किया जाएगा। इसलिए सभी लंबित विद्यालयों को तत्काल प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।