कासगंज। टीबी के छिपे मरीजों को खोजने के लिए चलाए जा रहे 100 दिवसीय विशेष अभियान ने जिले में संक्रमण की वास्तविक तस्वीर सामने ला दी है। अभियान के 60 दिनों में 704 नए टीबी मरीजों की पहचान की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक 17 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिससे कई ऐसे मरीज भी सामने आए हैं जो अब तक जांच और उपचार के दायरे से बाहर थे।
24 मार्च से शुरू हुए अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान कर रही हैं। लंबे समय से खांसी, बुखार, वजन कम होने और कमजोरी जैसे लक्षणों वाले लोगों को चिह्नित कर उनकी जांच कराई जा रही है। मरीजों की जांच के लिए हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन का उपयोग किया जा रहा है, जिससे मौके पर ही फेफड़ों की स्थिति का आकलन किया जा सके। इसके साथ ही संदिग्ध लोगों के बलगम के नमूने लेकर स्वास्थ्य केंद्रों पर परीक्षण कराया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और सक्रिय सर्वेक्षण के कारण बड़ी संख्या में नए मरीजों की पहचान संभव हो सकी है।
टीबी के प्रमुख लक्षण
-दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक लगातार खांसी रहना
-बलगम में खून आना
-लगातार बुखार या शाम के समय बुखार बढ़ना
-रात में अधिक पसीना आना
-तेजी से वजन घटना
-भूख कम लगना और कमजोरी महसूस होना
-सीने में दर्द या सांस लेने में परेशानी
टीबी से बचाव के उपाय
-खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक को रूमाल या मास्क से ढकें
-घर और कार्यस्थल पर पर्याप्त हवा और धूप आने दें
-पौष्टिक भोजन का सेवन करें और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखें
-टीबी मरीज के संपर्क में आने पर जांच अवश्य कराएं।
-चिकित्सक द्वारा बताई गई दवाओं का पूरा कोर्स करें।
-लंबे समय तक खांसी रहने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
तथ्य एक नजर में
अभियान शुरू : 24 मार्च
अभियान अवधि : 100 दिन
अब तक स्क्रीनिंग : 17,000 से अधिक लोग
नए टीबी मरीज मिले : 704
जांच के साधन : हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन व बलगम परीक्षण
उपचार : राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत निःशुल्क दवा व परामर्श
अभियान का उद्देश्य केवल मरीजों की खोज नहीं, बल्कि उन्हें समय पर उपचार से जोड़ना भी है। सभी मरीजों को राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत निःशुल्क दवा और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है- डॉ. राजीव अग्रवाल, सीएमओ