पुलिस ने नहर में डूबे युवकों की तलाश के लिए पीएसी की फ्लड यूनिट और गोताखोर को बुलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया था। घटना की सूचना पर मिलने पर युवकों के परिजन मौके पर पहुंच गए थे। रात में डीएम प्रणय सिंह और एसपी ओपी सिंह ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया था।
सिकंदराराऊ (हाथरस) के गांव टीकरीकलां के तीन सगे भाई शनिवार की दोपहर नदरई हजारा नहर में डूब गए थे। एटा की 43वीं वाहिनी पीएसी फ्लड यूनिट ने 24 घंटे तक बचाव अभियान चलाकर तीनों भाइयों के शव बरामद कर लिए। शव पिकनिक पॉइंट से करीब 500 मीटर की दूरी पर रेलवे पुल के पास फंसे हुए थे। एक ही घर के तीन चिरागों के बुझने से परिजन का कंद्रन हर आंख को नम कर रहा था।
हाथरस में कोतवाली सिकंदराराऊ के गांव टीकरा कलां निवासी जयप्रकाश (27 ) पुत्र डालचंद शनिवार की दोपहर छोटे भाई अजय (24 ), हरेंद्र उर्फ छोटू (21) और गांव के सुमित कुमार (24) पुत्र राम सिंह के साथ दो बाइक पर सवार होकर नदरई हजारा नहर पर घूमने के लिए आए थे। नहर में नहाते समय अजय, जयप्रकाश और हरेंद्र उर्फ छोटू गहरे पानी में डूबकर लापता हो गए थे। घटना के बाद एटा की 43वीं वाहिनी पीएसी फ्लड यूनिट और गोताखोर ने रात तक अभियान चलाया, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग सका।
रविवार को सुबह होते ही युवकों के परिजन समेत काफी संख्या में गांव के लोग नहर के पास पहुंच गए। पीएसी कंपनी के कमांडर बलवंत सिंह के नेतृत्व में फ्लड यूनिट ने नहर में डूबे भाइयों की तलाश में दोबारा से ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने सबसे पहले जयप्रकाश का शव सुबह 11:10 बजे रेलवे पुल के पास से बरामद किया।
इसके बाद छोटे भाई हरेंद्र उर्फ छोटू का शव 11:30 बजे नहर से बरामद हुआ। अजय का शव बरामद करने के लिए फ्लड यूनिट को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर 3:15 बजे उसका शव रेस्क्यू टीम ने बरामद किया। तीनों शव रेलवे पुल के आस-पास से बरामद किए गए। शव मिलते ही परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने तीनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।