फोटो 23- कलेक्ट्रेट के रुद्राक्ष सभागार में आयोजित बैठक में निर्देश देते सीडीओ वीरेंद्र सिंह। स
कासगंज। जिले में बूढ़ी गंगा और अन्य जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। इसके तहत जिले के आठ नालों के दूषित जल का बायोरेमेडिएशन पद्धति (जैव उपचार) से शोधन कराया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्ट्रेट स्थित रुद्राक्ष सभागार में मंगलवार को सीडीओ वीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण, जिला गंगा और जिला वृक्षारोपण समिति की संयुक्त समीक्षा बैठक हुई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, जल गुणवत्ता और अपशिष्टों के वैज्ञानिक प्रबंधन से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई।
इसमें नगर निकाय गंजडुंडवारा के चार, सोरों के तीन और भरगेन के एक नाले सहित कुल आठ नालों के दूषित जल का बायोरेमेडिएशन से शोधन कराने पर जोर दिया गया। सीडीओ ने कहा कि जल स्रोतों को बचाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी संजीब कुमार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के वृक्षारोपण महायज्ञ के तहत विभिन्न विभागों द्वारा कराए गए पौधरोपण की प्रगति रखी। सीडीओ ने निर्देश दिए कि जिन विभागों का कार्य लंबित है वे जिओ-टैगिंग का कार्य प्राथमिकता से पूरा करें।
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हरि की पौड़ी घाट पर होगी भव्य गंगा आरती
बैठक में आगामी आयोजनों की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। गंगा नदी को राष्ट्रीय नदी घोषित किए जाने के उपलक्ष्य में आगामी 4 नवंबर को सोरोंजी के हरि की पौड़ी घाट पर भव्य गंगा आरती का आयोजन प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया की ओर से लहरा घाट पर कछुआ विमोचन कार्यक्रम आयोजित करने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया।