सिढ़पुरा। ग्राम पंचायत बाजितपुर में मनरेगा योजना के तहत कराए गए इंटरलॉकिंग सड़क और नाली निर्माण कार्य में 9.33 लाख रुपये के कथित फर्जी भुगतान के मामले में शासन के आदेश पर जांच शुरू हो गई है। पूर्व विधायक ममतेश शाक्य ने मामले की शिकायत की थी। बुधवार को जांच टीम गांव पहुंची।
टीम ने निर्माण कार्य से लेकर भुगतान से जुड़े अभिलेखों की पड़ताल की। बीडीओ, जेई और ग्राम सचिवों सहित कई जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई। पटियाली के पूर्व विधायक ममतेश शाक्य ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को शिकायती पत्र भेजा था।
इसमें उन्होंने बताया था कि ग्राम पंचायत बाजितपुर में ट्रांसफाॅर्मर से सुनील जाटव के खेत तक मनरेगा योजना के तहत इंटरलॉकिंग सड़क और नाली निर्माण कराया गया था। आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत स्तर से होने वाले भुगतान के स्थान पर क्षेत्र पंचायत स्तर से कथित फर्जी एमबी (मेजरमेंट बुक) तैयार कराकर करीब 9.33 लाख रुपये का भुगतान निकाल लिया गया।
जांच टीम में अपर आयुक्त ग्राम विकास लखनऊ सुमनलता, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम अधिकारी अक्षिता यादव तथा राज्य गुणवत्ता नियंत्रण अलीगढ़ मंडल सत्येंद्र कुमार शामिल रहे। टीम ने मौके पर पहुंचकर इंटरलॉकिंग सड़क और नाली निर्माण कार्य की स्थिति का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान खंड विकास अधिकारी कुलदीप, एपीओ प्रीती, एडीओ ग्राम्य हरिओम प्रतिहार, जेई आरईडी सत्यप्रकाश, जेई एमआई अमर सिंह, लिपिक रामचंद्र, ग्राम सचिव नीरज शाक्य, सचिव अजीत यादव से भी पूछताछ की गई। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। जांच में वित्तीय अनियमितता मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र ने बताया कि पूर्व विधायक ने ग्राम पंचायत बाजितपुर में मनरेगा योजना के तहत कराए गए इंटरलॉकिंग सड़क एवं नाली निर्माण में अनियमितता की शिकायत की थी। शासन के आदेश पर ग्राम पंचायत पहुंचकर टीम ने जांच शुरू कर दी है।