कासगंज। सांप के डसने के बाद परिजन मरीज की जान बचाने के साथ-साथ उस जहरीले सांप को भी डिब्बे में पकड़कर सीधे जिला अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में सांप को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुट गई, जहां डॉक्टर ने उसकी पहचान बेहद जहरीली रसल वाइपर प्रजाति के रूप में की। रविवार को जिले भर में सर्पदंश के कुल चार मामले सामने आए, जिनका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है।
सोरोंजी क्षेत्र के गांव तुमरिया निवासी 26 वर्षीय अंकित रविवार सुबह करीब 9:30 बजे खेत में बाजरे की पुआल समेट रहे थे, तभी सांप ने उनके बाएं हाथ की हथेली में डस लिया। चीख सुनकर पहुंचे परिजन आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले आए और साथ में उस सांप को भी पकड़ लाए।
इसके अलावा, रविवार को ही सर्पदंश की तीन अन्य घटनाएं भी हुईं। गांव नगला वाले निवासी निर्मला (42) को सुबह 11 बजे धान काटते समय, सोरों क्षेत्र के गांव गुलफान निवासी पिंटू (23) को खेत में काम करते वक्त और प्रहलादपुर गांव निवासी लीलावती (50) को भी सांप ने डस लिया। इन सभी पीड़ितों को उनके परिजन ने तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है।
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सांप के डसने के बाद पीड़ित को शीघ्र अस्पताल में भर्ती कराएं। झाड़फूंक व बायगीर के चक्कर में न पड़ें। जिला अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एंटी बेनम वैक्सीन उपलब्ध है। -डॉ.संजीव सक्सेना, सीएमएस जिला अस्पताल कासगंज