कासगंज। सावन के पवित्र महीने का पहला सोमवार इस बार केवल व्रत और आराधना तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह दुर्लभ और शुभ योगों की एक अद्भुत श्रृंखला के साथ विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा लेकर आया है। इस बार सावन के पहले सोमवार पर सुकर्मा योग, गुरु आदित्य राजयोग और हंस महापुरुष राजयोग जैसे अत्यंत दुर्लभ संयोग बन रहे हैं, जो इस दिन के महत्व को कई गुना बढ़ा रहे हैं।
जिले के सभी प्रमुख शिवालयों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर समितियां श्रद्धालुओं के लिए सुगम जलाभिषेक, दर्शन और व्यवस्थित भीड़ प्रबंधन में जुटी हुई हैं। भक्तों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई स्थानों पर अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग बनाए गए हैं, ताकि किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
मान्यता है कि सावन सोमवार का व्रत अविवाहित युवक-युवतियों और विवाहित महिलाओं दोनों के लिए विशेष फलदायी होता है। इससे मनचाहा जीवनसाथी, उत्तम दांपत्य सुख, अच्छा स्वास्थ्य और परिवार में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. भरत राम गौड़ का कहना है कि इस बार पहले सोमवार पर पूरे दिन शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेगा, जिससे श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी अभिषेक कर सकेंगे, हालांकि ब्रह्म मुहूर्त और सुबह का अमृत काल सबसे अधिक पुण्यदायी माना गया है।
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पूजा का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : 04:19 बजे से 05:01 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:00 से 12:54 तक
अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त : 05:44 सुबह से 07:24 तक
शुभ-उत्तम मुहूर्त: सुबह 09:05 से 10:46 तक
चर-सामान्य मुहूर्त:दोपहर 02:08 से 03:49 तक
लाभ-उन्नति मुहूर्त: दोपहर 03:49 से 05:30 तक
अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त:शाम 05:30 से 07:11 तक
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सावन के पहले सोमवार की पूजा-विधि
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और हरे या सफेद रंग के वस्त्र धारण करें
घर के मंदिर या शिवालय में भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करें
पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करके शिवलिंग पर सबसे पहले जल और गंगाजल अर्पित करें
कच्चा दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत अभिषेक करें। फिर पुनः स्वच्छ जल से शिवलिंग का अभिषेक करें
भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भस्म, सफेद चंदन, अक्षत, भांग, सफेद पुष्प और मौसमी फल अर्पित करें।
धूप-दीप जलाकर शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र तथा ॐ नमः शिवाय मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें
पूजा के अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें