फोटो65कासगंज में कलेक्ट्रेट पर संग्रहित की गई प्राचीन मूर्तियां। संवाद
कासगंज। जिले में पुरा संपदा का बड़ा खजाना मौजूद है, जिसे सहेजने की कवायद चल रही है। जिला प्रशासन कलेक्ट्रेट एवं विकास भवन परिसर में तीन एकड़ भूमि पर एक म्यूजियम बनाने की योजना बना रहा है। यह जिला प्रशासन का एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है।
इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। शासन भी इस प्रस्ताव पर सक्रिय हुआ है और चिह्नित भूमि की नापजोख का काम पूरा हो चुका है। अब म्यूजियम निर्माण के लिए शासन की अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
जिले की तीर्थनगरी सोरोंजी भगवान विष्णु के तृतीय अवतार भगवान वराह की प्राकट्य स्थली है। यहीं संत तुलसीदास का भी जन्म हुआ था। पटियाली तहसील में संगीतकार अमीर खुसरो का जन्म हुआ और महाभारत काल में राजा द्रुपद का किला भी यहीं था। मानव सभ्यता के लोह कालीन और कांस्य कालीन प्रमाण भी यहां मिल चुके हैं।
पुरा संपदा का संरक्षण
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संग्रहालय में इन खोजों से जुड़े प्रमाण संरक्षित हैं। तत्कालीन जिलाधिकारी मेधा रूपम ने पुरा संपदा की जानकारी मिलने पर इसके संरक्षण का ब्लूप्रिंट तैयार किया था। उन्होंने पुराविद विशेषज्ञों के साथ मंथन कर पुरा संपदा खोजकर कलेक्ट्रेट में रखवाई थी। वर्तमान जिलाधिकारी प्रणय सिंह इन पौराणिक धरोहरों को संरक्षित करने के लिए गंभीर हैं। वह लगातार इस प्रस्ताव की स्वीकृति के लिए शासन में प्रयास कर रहे हैं।
वर्जन-
जिले की पौराणिक मूर्तियों को संरक्षित करने के लिए म्यूजियम बनाने का प्रस्ताव शासन में पर्यटन विभाग को भेजा गया है। शासन की मंजूरी का इंतजार है। मंजूरी मिलते ही म्यूजियम निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।- प्रणय सिंह, डीएम।