कासगंज। सदर कोतवाली के गांव कुतुबपुर में रहने वाले युवक के खाते से गांव के ही युवक ने साइबर ठगी की वारदात को अंजाम दे डाला। शातिर ने भोले-भाले युवक को झांसे में लेकर उसके बैंक एकाउंट को अपने फोन में यूपीआई से लिंक कर लिया। इसके बाद खाते से 3.84 लाख रुपये अलग-अलग खातों में भेजकर निकाल लिए। पीड़ित ने खाते से रुपये निकलने की शिकायत की तो साइबर सेल की जांच में शातिर की पोल खुल गई। साइबर सेल ने शनिवार को शातिर से युवक को रुपये वापस दिलाए।
साइबर सेल प्रभारी सोनू सिंह ने बताया कि गांव कुतुबपुर निवासी संतोष कुमार ने 19 मई को उसके खाता से यूपीआई आईडी के जरिये करीब 3,84,000 रुपये निकाले जाने की शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कराई थी। मामला साइबर सेल के पास पहुंचा तो टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध खातों में धनराशि को फ्रिज करा दिया। साइबर ने मामले की गहनता से जांच की तो पता चला कि जिस यूपीआई आईडी से अलग-अलग खातों में रुपये भेजे गए थे, वह संतोष कुमार के बैंक खाते से लिंक थी। साइबर सेल ने मामले में आगे जांच की तो पता चला कि गांव के ही एक व्यक्ति ने संतोष को झांसे में लेकर किसी तरह उसके बैंक खाते को अपने फोन के यूपीआई से लिंक कर लिया था। इसके बाद पिछले दो-तीन महीने में कई बार उसके खाते से अलग-अलग एकाउंट में यूपीआई की मदद से रुपये भेजकर निकाल लिए थे।
जब संतोष बीते दिनों बैंक से रुपये निकालने गए तो पता चला कि उनके खाते में रुपये ही नहीं है। यह सुनकर उनके होश उड़ गए। जब उन्हें पता चला कि यूपीआई आईडी से रुपये निकाले गए तो साइबर फ्रॉड की आशंका के चलते पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि शातिर को ट्रेस करके उससे संपर्क किया गया और पीड़ित को उसके खाते से निकाले गए 3.84 लाख रुपये वापस दिलाए गए।