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यूपी: करन जौहर की अर्जी पर कोर्ट में सुनवाई पूरी

Wed, 24 Jul 2013 12:02 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
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फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ में राष्ट्रगान का अपमान करने के मामले में निर्देशक करन जौहर को आरोपों से अवमुक्त करने की अर्जी पर बहस की गई।
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कोर्ट में बताया गया कि करन एक सम्मानित नागरिक हैं और राष्ट्रगान का पूरा सम्मान करते हैं। राष्ट्रगान के अपमान के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं। सीजेएम प्रमोद कुमार ने सुनवाई के बाद 5 अगस्त के लिए निर्णय सुरक्षित रख लिया है।

गोमतीनगर के विवेकखंड निवासी प्रताप चन्द्र ने वर्ष 2002 में कोर्ट में केस दायर करके बताया था कि  23 जनवरी को वह अपने दोस्तों के साथ ‘कभी खुशी कभी गम’ देखने गए थे। इस फिल्म में राष्ट्रगान का अपमान किया गया है।
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केस में कहा गया कि फिल्म की शूटिंग विदेश में हुई है, लेकिन सभी कलाकार, निर्माता-निर्देशक भारतीय हैं। सेंसर बोर्ड पर भी आरोप लगाया गया कि उसने राष्ट्रगान के अपमान को नजरअंदाज करके फिल्म को प्रदर्शित करने के लिए प्रमाण पत्र दिया।

केस में आरोप लगाया गया कि फिल्म में राष्ट्रगान आने के दौरान जब परिवादी और उसके दोस्त सम्मान में खड़े हो गए तो सिनेमा हॉल में मौजूद लोगों ने उन्हें गालियां दीं और हंसी उड़ाई।
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मामले में तत्कालीन सीजेएम ने करन को प्रथम दृष्टया आरोपी मानकर 17 अप्रैल 2002 को उनके खिलाफ समन जारी करके कोर्ट में तलब किया था। इस आदेश के खिलाफ करन की ओर से हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, जहां से उनकी अर्जी खारिज हो गई।
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