गंजडुंडवारा (कासगंज)। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नगर में अभिषेक गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले को लेकर कस्बे में घटना के बाद से ही आक्रोश पनपने लगा लेकिन पोस्टमार्टम के बाद स्थिति उग्र हो गई। आक्रोशित लोगोें ने युवक के शव को कस्बे के हनुमान गढ़ी चौराहे पर रखकर जाम लगा दिया गया। परिवारीजन व कस्बे के लोग सड़क पर ही बैठ गए। 22 घंटे तक जाम के हालात रहे। लोगों ने जमकर पुलिस प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन किया। संासद राजवीर सिंह से हुई डीएम, एसपी की वार्ता के बाद गंजडुंडवारा के थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया। इसके बाद जाम खुला।
हत्या का शिकार हुआ युवक अभिषेक गुप्ता (25) पुत्र रामखिलावन नगर पालिका में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत था। 14 अगस्त की रात्रि करीब साढ़े आठ बजे रेलवे रोड पर युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक की हत्या के आरोप में किशन चंद्र तिवारी पुत्र मोतीचरन तिवारी, उनके पुत्र आकाश तिवारी और मनोज तिवारी को नामजद किया गया है। पुलिस ने दो हत्यारोपी आकाश और मनोज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
युवक की हत्या को लेकर पूरे कस्बे में आक्रोश की स्थिति देखी गई। हनुमान गढ़ी चौराहा क्षेत्र में तो काफी आक्रोश था। लोग पुलिस प्रशासन का जमकर विरोध कर रहे थे। डीएम जेपी त्रिवेदी, एसपी विनय कुमार यादव मौके पर पहुंचे। उस समय भी लोगों ने पुलिस, प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। हत्या की सूचना के मामले को लेकर वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमंत गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, पूर्व विधायक रज्जन पाल सिंह, बसपा नेता नीरज मिश्रा मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रशासन कोई वार्ता नहीं बन सकी। इन नेताओं ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर आक्रोश जताया। बाद में भाजपा सांसद राजवीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से वार्ता की। जाम लगाए बैठे लोगों से उनकी वार्ता हुई। इसके बाद उन्हाेंने डीएम, एसपी से थाने में वार्ता की। सांसद की वार्ता के दौरान डीएम, एसपी ने गंजडुंडवारा के थाना प्रभारी अरविंद कुमार को लाइन हाजिर करने की कार्रवाई की और तीन दिन के अंदर गैर जनपद में स्थानांतरण करने का भरोसा दिया। सांसद राजवीर ने इस कार्रवाई की जानकारी पीड़ित परिवार व आक्रोशितों को दी। तब कहीं जाकर आक्रोशित शांत हुए और लोगों ने जाम खोल दिया। जाम खुलने के बाद बाजार भी खुल गया। शुक्रवार की शाम पांच बजे जाम लगा। शनिवार को दो बजे जाम हटा। पीड़ित परिवार व आक्रोशित पूरी रात परिवार के साथ बैठे रहे।