कासगंज। यात्रियों को अभी राहत मिलने के आसार नहीं हैं, बल्कि उनकी दुश्वारियां और बढ़ने वाली हैं। चुनाव ड्यूटी में लगीं बसें लौटकर नहीं आई हैं। जो बसें शेष रह गई हैं, उनमें से 10 और बसों को चुनाव आयोग ने मांगा है। इन बसों के चले जाने के बाद यात्रियों के लिए लिए और मुसीबतें बढ़ जाएंगी।
डिपो की 21 अनुबंधित बसों को 23 अप्रैल से चुनाव ड्यूटी में ले लिया गया था। परिवहन निगम की 70 बसों में 23 को अन्य स्थानों पर चुनाव में सुरक्षा बल एवं कर्मियों को ले जाने के लिए लगाया गया है। ये बसें अभी डिपो पर नहीं लौटी नहीं हैं। शेष 47 बसों से ही डिपो द्वारा यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है। सहालग के चलते इन दिनों यात्रियों की भीड़ भी अधिक है। बसें कम होने से उन्हें दिक्कतें हो रही हैं। वहीं चुनाव के लिए 10 और बसों की डिमांड की गई है। ये बसें एक जून तक डिपो से चुनाव ड्यूटी में चली जाएंगी। इससे यह दुश्वारियां और बढ़ने वाली हैं।
डिपो प्रभारी भंवर सिंह चौहान का कहना है कि डिपो के बाद अनुबंधित और निगम की बसों के चले जाने के बाद पहले से आधी बसें ही रह गई हैं। सभी रूटों से बसों की संख्या में कटौती की गई है। यात्रियों को दिक्कतें न हों इसके लिए बसें के फेरे बढ़ाए जा रहे हैं।