कासगंज/सहावर। गंगा के उफान ने अब जिले में कहर बरपाना शुरू कर दिया है। कई गांव में आबादी के बाहर दस्तक दे रहा पानी अब तेज प्रवाह के साथ आबादी की ओर बढ़ने लगा है। कटरी का सुन्नगढ़ी-शहवाजपुर मार्ग बाढ़ की चपेट में आ गया है और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने लगा है। वमनपुरा-अजीतनगर सहित दो दर्जन तटवर्ती गांव की आबादी बाढ़ से घिर गई है। पानी और बढ़ा तो हालात बेकाबू भी हो सकते हैं।
उफान भर रही गंगा एक दिन पहले से ही लाल निशान को पार करकर बह रही थी। नरौरा से बुधवार की रात्रि को ही 5.66 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस पानी का प्रवाह सुबह आठ बजे तक कम नहीं हुआ। सोरों इलाके के लहरा इलाके की सड़क तक गंगा की धार पहुंच गई है। वहीं उड़ैर बांध पर जलस्तर काफी ऊंचा उठ गया है। अब दतलाना की ओर प्रवाह बढ़ रहा है। ग्रामीणों का अनुमान है कि गुरुवार की रात तक आबादी में पानी घुस सकता है। वहीं सहावर इलाके के मुजफ्फरनगर तक पानी की दस्तक हो गई है। प्रवाह बढ़ने पर पानी गांव की आबादी को चपेट में ले लेगा। चंदवा गांव के ही यही हालात हैं। सहावर-सुन्नगढ़ी से पटियाली तक का एकमात्र मार्ग है। इस मार्ग पर पानी आने से यह क्षतिग्रस्त हो रहा है और सड़क किनारे के गांव जलमगभन हो रहे हैं। पटियाली तहसील क्षेत्र के वमनपुरा गांव में दोनों ओर से पानी ने घेर लिया। यहीं हाल अजीतनगर गांव का है। ग्रामीण अपनी और सामान की सुरक्षा में जुटे हैं। गांव उलाई, नगला चोखे, सिंकदरपुर, अलीपुर, नगला ढाब, किलौनी, किसौल, गांव की खेती की जमीनों में पानी भरा है। ग्रामीणों की शिवाला व अन्य फसलें पानी में डूब रही है। बाढ़ के पानी से इस इलाके के गांव का संपर्क एक-दूसरे से कटता जा रहा है। आवागमन भी बाधित हो रहा है। मुजफ्फरनगर पर गंगा के बेग को थामने के लिए जेसीबी मशीन से मिट्टी की खुदाई कर पानी को फैलने से रोकने के प्रबंध प्रशासन कर रहा है।