सोरों। कसबे के चिकित्सक के अपहृत पुत्र को सोरों पुलिस ने अपहर्ताओं से कार्रवाई कर मुक्त करा लिया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एक भागने में सफल रहा।
कछला गेट निवासी डॉक्टर नारायन सिंह के यहां सोरन सिंह निवासी नगला रामचंद्र एवं पैथोलॉजी संचालक सतीश निवासी खैरपुर तथा कसबे के बबलू ने उनके नौ वर्षीय पुत्र ब्रजेश के अपहरण की साजिश रच डाली। सोमवार देर सांय आठ बजे ब्रजेश दुकान से घर जा रहा था। तीनों लोग टाटा सूमो के साथ कछला तिराहे पर खड़े थे। तीनों ने बालक को मोबाइल की चिप दिलाने के बहाने गाड़ी में बैठा लिया। वह बालक को नगरिया दिशा की ओर ले गए। रात में बालक को घुमाने के बाद सुबह लहरा गांव में गाड़ी छोड़कर, बिना नंबर की बाइक से लहरा की कटरी में ले गए।
जब पुत्र व कंपाउंडर नहीं लौटा तो चिकित्सक को अनहोनी का शक हुआ। उन्होंने कोतवाली पुलिस को अपहरण की सूचना दी। तत्काल पुलिस टीम ने अपहरणकर्ताओं का तलाश शुरू कर दी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम लहरा पहुंची। पुलिस की टीम कटरी में घुसकर कांबिंग की। थोड़ी दूर पर पुलिस को मोटर साइकिल पर तीन लोग बालक के साथ जाते दिखाई दिए। पुलिस के घेराबंदी के चलते अभियुक्त ब्रजेश को छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर दो अभियुक्तों सोरन व सतीश को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उनके कब्जे से एक-एक तमंचा व चार- चार कारतूस बरामद कर लिए। तीसरा अभियुक्त बबलू भागने में सफल रहा। बाइक को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि चिकित्सक क ी रोजाना की कमाई देखकर पांच लाख फिरौती वसूलने की योजना बनाई थी। तीनाें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।