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‘जाकिर मुसलमान नहीं, कर रहा गुमराह’

Sun, 17 Jul 2016 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /कानपुर
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पत्रकारों से बातचीत करते शहर काजी मौलाना रियाज हशमती (दाएं) और डॉ. सुल्तान हाशमी। - फोटो : amarujala
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बरेलवी विचारधारा के शहरकाजी मौलाना रियाज अहमद हशमती ने डॉ. जाकिर नाईक पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने नाईक को मुसलमान मानने से इनकार कर दिया और कहा है कि वह मुसलमानों को गुमराह कर रहा है। वह गुस्ताख-ए-रसूल है। सभी मुसलमानों को इससे सावधान रहना होगा।
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शनिवार को प्रेस वार्ता में मौलाना रियाज हशमती ने कहा कि डॉ. जाकिर की तकरीरों से हिंसा करने वाले प्रेरित हो रहे हैं इसलिए उसकी जांच की जानी चाहिए। इस्लाम किसी को हिंसा के लिए उकसाने की इजाजत नहीं देता। मस्जिद-ए-नवबी के पास आत्मघाती हमला होना बहुत गंभीर बात है। मक्का मदीना की हिफाजत की जाए।

डॉ. सुल्तान हाशमी ने कहा कि मदीना में हुए हमले के पीछे आतंकी संगठन आईएस का हाथ है। आईएस को संचालित करने वाले और उसमें शामिल लोग मुसलमान नहीं हैं। ये लोग अमन के दुश्मन हैं और इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। सभी को इसका विरोध करना चाहिए।
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इमाम अहमद रजा कांफ्रेंस में होगा उलेमा का जमावड़ा
कानपुर (ब्यूरो)। इमाम अहमद रजा खां कांफ्रेंस 19 जुलाई को बाबूपुरवा के बगाही मैदान में होगी। इसमें देश के बरेलवी विचारधारा के बड़े उलेमा का जमावड़ा होगा। काजी-उल-कुज्जात फिल हिंद (आल इंडिया काजी) मौलाना अख्तर रजा खां अजहरी मियां, मौलाना असजद रजा खां, बरेली के मदरसा जामेअतुर्रजा के प्रिंसिपल मुफ्ती मोहम्मद यूनुस, मौलाना आशिक कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे। बिलग्राम शरीफ के सज्जादानशीन सैयद उवैस मियां जलसे की सरपरस्ती करेंगे।

इस कांफ्रेंस की तैयारियों को लेकर प्रेस क्लब में शनिवार को हुई वार्ता में शहरकाजी मौलाना रियाज अहमद हशमती ने बताया कि इस कांफ्रेंस का मकसद समाज में फैली बुराइयों के खिलाफ संघर्ष करने का पैगाम और आतंकवाद व जुल्म के खिलाफ मुसलमानों को जागरूक करना है। मुफ्ती शहबाज अनवर, मौलाना मुजफ्फर हुसैन मिस्बाही, मौलाना मुश्ताक अहमद मुशाहिदी, डॉ. सैयद सुल्तान हाशमी, शमसुल कमर रहमानी, कलीम अनवर मौजूद रहे। 

‘लड़कियों का शिक्षित होना जरूरी’
कानपुर। शिया आलिम मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा है कि सभ्य समाज की स्थापना के लिए लड़कों से ज्यादा जरूरी लड़कियों का ज्यादा पढ़ा लिखा होना है। शिक्षित महिला ही सभ्य समाज का निर्माण करती हैं।

गंबर-ए-इस्लाम की पुत्री बीबी फातिमा जहरा ने अपनी बेटी बीबी जैनब को वह इल्म सिखाया, जिसकी वजह से कर्बला की जंग के बाद उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी दीन को फैलाने में गुजार दी। वह शनिवार को जूही के जैनब क्लासेज सेंटर में लाइब्रेरी के उद्घाटन के दौरान छात्राओं को खिताब कर रहे थे।

कार्यक्रम संयोजक मौलाना अलमदार हुसैन ने कहा कि लड़कियों को शिक्षित करने के लिए उनको प्रोत्साहित करना होगा। कंप्यूटर और तकनीकी शिक्षा मुफ्त में देनी होगी। यही वजह है कि जैनब क्लासेज सेंटर में लड़कियों को कंप्यूटर समेत आधुनिक और दीनी शिक्षा मुफ्त में दी जा रही है। मौलाना नसीम अब्बास, मौलाना हामिद हुसैन, दिलावर हुसैन, महफूज अली, नायाब आलम, शारिब अब्बास, अली हुसैन, शाहिद अली, रजी हैदर, तनवीर हुसैन, सादिक रिजवी, लाला रिजवी, हैदर कानपुरी, अहमद अली, तहसीन हैदर मौजूद रहे।
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