वीर प्रताप को मल्लावां में ही रोककर वापस भेज दिया गया था। बसपा नेता राजवर्धन सिंह अपने साथियों के साथ पाली कस्बा पहुंच गए थे। यहां पुलिस ने राजवर्धन सिंह राजू , उनके निजी सुरक्षा कर्मी आशीष तिवारी, मोमिनाबाद निवासी आमिर और विनीत सिंह को हिरासत में ले लिया था। इसी दौरान राजू के निजी सुरक्षा कर्मियों ने सहयोगियों के साथ पुलिस पर पथराव कर दिया था। पुलिस ने बल प्रयोग कर सभी को खदेड़ दिया था। देर शाम पाली के प्रभारी निरीक्षक की तहरीर पर 26 लोगों को नामजद करते हुए 150 अज्ञात लोगों पर भी रिपोर्ट दर्ज की थी।
बुधवार को पुलिस ने राजवर्धन सिंह राजू, आशीष तिवारी, आमिर और विनीत सिंह को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनीता के न्यायालय में पेश किया। यहां आरोपियों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकी सिंह गौर और अरुण सिंह ने पक्ष रखा, लेकिन इसे पर्याप्त न मानते हुए जज ने आरोपियों को 14 दिन की हिरासत में भेज दिया। जज ने पूरे मामले की केस डायरी भी तलब की है।