कानपुर देहात। अकबरपुर थाना क्षेत्र के बाढ़ापुर गांव में वर्ष 2015 में महिला की गैर इरादतन हत्या के मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक में चल रही थी। अदालत ने शुक्रवार को दोष सिद्ध अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया है।
अकबरपुर के बाढ़ापुर गांव निवासी राजू सिंह ने 30 सितंबर 2015 को पुलिस को शिकायती पत्र दिया था। शिकायती पत्र में बताया था कि उसके पड़ोस में संतोष का परिवार रहता है जो उससे रंजिश मानता है। बताया था कि 30 सितंबर 2015 की शाम उसकी पत्नी किरन भैंस को चारा डाल रही थी। उसी दौरान पड़ोसी संतोष, उसकी पत्नी रमाकांती, पुत्र कुलदीप व संदीप ने पत्नी पर लाठी डंडे से हमला कर दिया। हमले में घायल पत्नी को जिला अस्पताल अकबरपुर लेकर गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर संतोष, रमाकांती, संदीप व कुलदीप के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक आनंद प्रिय गौतम की कोर्ट में चल रही थी। बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई के दौरान बचाव व अभियोजन की ओर से बहस की गई।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी संतोष को दोष सिद्ध किया था। वहीं, रमाकांती, संदीप व कुलदीप को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। सजा के बिंदु पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। अदालत ने अभियुक्त संतोष को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास काटने का आदेश दिया है।