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कन्नौज: मासूम से दरिंदगी करने वाले युवक को 20 साल का कठोर कारावास, दो लाख रुपये जुर्माना लगाया

Wed, 30 Sep 2026 06:56 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज

सार

मासूम से दरिंदगी के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने युवक को 20 साल कठोर कारावास की सजा सनाई। दोषी को जेल भेजा गया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar ujala digital
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विस्तार
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मासूम की चीख, लोगों की तत्परता और अदालत का त्वरित न्याय... शहर के सरायमीरा में दस वर्षीय बच्ची से दरिंदगी करने वाले युवक को आखिरकार उसकी करतूत की सजा मिल गई। विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) की अदालत ने युवक को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर दो लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी ठोका गया है।

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जुर्माना न देने की सूरत में दोषी को एक साल अतिरिक्त जेल में सड़ना होगा। अदालत ने न्याय का मानवीय चेहरा दिखाते हुए जुर्माने की पूरी रकम पीड़िता के इलाज, पुनर्वास के लिए देने का आदेश दिया है। दिल नहला देने वाली यह वारदात सदर कोतवाली क्षेत्र के सरायमीरा (देविन टोला) की है। 22 अक्तूबर 2024 की शाम करीब 4:20 बजे दस साल की मासूम बच्ची रोज की तरह गांव के पास भैंस चरा रही थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे बजरिया निवासी अनिल यादव की नीयत बिगड़ गई। वह बच्ची को जबरन उठाकर पास के एक सुनसान खंडहर में ले गया और उसके साथ दरिंदगी की।

मासूम की चीख-पुकार सुन पास में ही मौजूद एक महिला और युवक फौरन मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों की तत्परता से वह दरिंदा भागने में नाकाम रहा और लोगों ने उसे रंगे हाथों दबोचकर सीधा पुलिस के हवाले कर दिया। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने साक्ष्य जुटाए, पीड़िता का मेडिकल कराया और फॉरेंसिक सबूतों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा।
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पुख्ता सबूतों के आगे पस्त हुआ आरोपी
अदालत में मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक सबूत और गवाहों के बयान मजबूती से पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलों और पत्रावली पर मौजूद पुख्ता सबूतों का परिशीलन करने के बाद अदालत ने अनिल यादव को पॉक्सो एक्ट की धारा छह के तहत दोषी पाया। बच्चों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए अदालत ने दोषी अनिल यादव को 20 साल के कठोर कारावास और दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट के इस सख्त फैसले ने साफ संदेश दिया है कि मासूमियत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

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