कानपुर देहात। बरौर थाना क्षेत्र के एक गांव से नाबालिग को बहला फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म किए जाने के मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-13 /पॉक्सो एक्ट में चल रही थी। शुक्रवार को अदालत ने गवाह व साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया है।
छह मार्च 2018 को नाबालिग को बहलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर लालू उर्फ परवीन सचान निवासी बम्हनौती थाना बरौर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने विवेचना करते हुए वादी व गवाह द्वारा वास्तविक तथ्यों के आधार पर साक्ष्य संकलन कर मुकदमा में चार मई 2018 को आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।
इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-13 /पॉक्सो एक्ट की अदालत में चल रही थी। शुक्रवार को मामले में बहस हुई। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी लालू उर्फ परवीन को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अदालत ने आदेश किया कि अर्थदंड अदा न करने की दशा में अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।