फर्रुखाबाद। डेढ़ साल की मासूम को बेरहमी से पीटकर मौत के घाट उतारने के छह वर्ष पुराने मामले में अदालत ने युवक मोनू को दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश दीपेंद्र कुमार सिंह ने दोषी को 10 साल की कारावास की सजा सुनाई।
20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना न अदा करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। कोतवाली फतेहगढ़ में पूजा ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि 27 फरवरी 2019 को वह अपनी डेढ़ वर्षीय बेटी शिवानी के साथ अभियुक्त मोनू के घर रहने आई थी। रात करीब 9 से 10 बजे के बीच मोनू ने बच्ची को यह कहते हुए गोद से छीन लिया कि वह किसी और की लड़की साथ नहीं रखेगा। उसने पुत्री शिवानी को बेरहमी से पीट दिया। पिटाई से मासूम की मौत हो गई।
रात में मौसम खराब होने और पड़ोसियों के कहीं गए होने के चलते वह पुलिस को सूचना नहीं दे सकी।
सुबह पड़ोसी आमीर को बुलाकर बच्ची को दिखवाया, तो उसने बताया कि बच्ची की सांस नहीं चल रही है। विवेचना में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयान से आरोपों की पुष्टि हुई।
पुलिस ने जांच के बाद मोनू के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने सभी साक्ष्यों के आधार पर युवक मोनू को मंगलवार को दोषी ठहराया था। बृहस्पतिवार को उसे सजा सुनाई गई।