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चित्रकूट: घर में घुसकर वृद्ध की चाकू से गोदकर हत्या, चीख सुनकर पड़ोसी पहुंचे तो बाइक छोड़ कर भागे हत्यारोपी

Tue, 18 Aug 2020 09:21 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
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इसी बाइक से आए थे हत्यारे - फोटो : amar ujala
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चित्रकूट जिले में रिश्ते में दामाद के घर में रहने वाले वृद्ध की मंगलवार सुबह अज्ञात बाइक सवार तीन युवकों ने धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी। शोर सुनकर स्थानीय लोग पहुंचे तो हत्यारोपी दरवाजा खोलकर बाइक छोड़ कर भाग गए।
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फॉरेसिंक व डॉग स्क्वॉयड टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर कई सबूत एकत्र किए। पुलिस घटनास्थल से हत्यारोपियों की बाइक, कपड़े व चाकू बरामद कर जांच कर रही है। सीतापुर चौकी क्षेत्र के श्रीपाल वर्मा के घर में मऊ थाना क्षेत्र के नौबस्ता गांव निवासी अनिल कुमार पुत्र छितानी किराए पर रहता था।

15 दिन पहले कौशांबी के चरवा जिला निवासी रिश्तेदार अर्जुन लाल दिवाकर (60) उससे मिलने आए थे। अनिल कुमार ने बताया कि वह टाटा कंपनी के बिजली कांस्ट्रेक्शन में सिक्योरिटी गार्ड है। सोमवार को ड्यूटी करने बेडीपुलिया स्थित कंपनी के कार्यालय गया था।
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मंगलवार सुबह जब लौट कर घर आया तो देखा कि घर में पुलिस और कई लोग मौजूद थे। पड़ोसियों ने उसे घटना की जानकारी दी। स्थानीय लोगों के अनुसार हत्यारों ने बाइक स्टार्ट करने का प्रयास किया लेकिन बाइक स्टार्ट नहीं हुई। ग्रामीणों ने अंदर जाकर देखा तो वृद्ध का खून से लथपथ शव पड़ा था।

सूचना पर एसपी अंकित मित्तल, क्षेत्राधिकारी रजनीश यादव, कोतवाल पंकज पांडेय, पुलिस बल के साथ पहुंचे। फोरेंसिंक टीम ने पड़ताल की। हत्या में इस्तेमाल चाकू बाइक बरामद की है। एसपी ने हत्यारोपियों के शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। रिश्ते में दामाद अनिल कुमार की तहरीर पर कोतवाली में तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
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मृतक के बेटे की ही निकली बाइक
मामले में स्थानीय लोगों में चर्चा रही कि करीबियों ने ही घटना को अंजाम दिया है। घटनास्थल के पास हत्यारों की छूटी बाइक से सुराग लगने के कयास लगाए जा रहे हैं। पुलिस शीघ्र हत्यारोपियों तक पहुंच सकेगी। मृतक के भतीजे इंद्रसेन, महेंद्र व अरविंद निवासीगण बरियावां थाना चरवा जिला कौशांबी ने बताया कि बरामद बाइक मृतक अर्जुनलाल के बेटे राजू की है।

यह बाइक उसकी पत्नी के नाम है। इसके बाद से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि संपत्ति के लिए परिजनों ने ही तो हत्या नहीं कर दी। मृतक चित्रकूट में रहने को दौरान लोगों से गांव की संपत्ति को लेकर परिजनों से विवाद की बात करता था। 

संपत्ति विवाद से तंग होकर आए थे 
मृतक अर्जुनलाल दिवाकर के एक पुत्र राजू दिवाकर है। वह परिवार से अलग रहकर जीविकोपार्जन करता है। अनिल ने बताया कि अर्जुन लाल ने खाना बनाने में दिक्कत होने की बात बता अमावस्या के बाद गांव जाने को कहा था। इस पर उसने घर में रख लिया था।

उन्होंने बताया कि घर में अक्सर परिजनों से संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद होता था। उससे तंग आकर वह यहां चले आए थे। मृतक पहले गांव में खेती बाड़ी करते थे। दो साल से उन्होंने खेती बंद कर घर पर ही रहने लगे थे। अपने बेटे की कमाई और पुरानी संपत्ति पर ही वह आश्रित थे।
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