छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी के यूथ फेस्टिवल का आगाज गुरुवार को लोक नृत्य से हुआ। जुहारी देवी पीजी कॉलेज की छात्रा अंकिता, कृति, नेहा, वर्षा, सोनाली, आकांक्षा, दिव्या, रोली, प्रीति और भावना ने समा बांध दिया। ‘
केसरिया बालम पधारो म्हारे देश...’ गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। साथ ही राजस्थान, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की सभ्यता, संस्कृति की झलक दिखाई। स्टूडेंटों के मौज-मस्ती का यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।
यूनिवर्सिटी के तीन दिवसीय (5, 6 और 7 नवंबर) यूथ फेस्टिवल का उद्घाटन कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन और डीआईजी नीलाब्जा चौधरी ने किया। साथ ही कहा कि फेस्टिवल स्टूडेंटों के एक्स्ट्रा कॅरिकुलर एक्टिविटी का हिस्सा है। इसमें बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करना चाहिए।
इससे पहले एसएन सेन, अर्मापुर, डीजी, बृहस्पति कॉलेज और हरिबंश राय डिग्री कॉलेज उन्नाव के स्टूडेंटों ने लोकनृत्य किया। इससे यूपी सहित अलग-अलग राज्यों की सभ्यता, संस्कृति का नजारा पेश किया। इसी बीच कुछ भोजपुरी गीत भी गाए गए, जिन पर स्टूडेंटों ने जमकर ठुमके लगाए।
जुहारी देवी कॉलेज की नेहा पांडेय और सीएसजेएम यूनिवर्सिटी कैंपस की प्रगति राठौर ने मनमोहक अंदाज में लोक नृत्य प्रस्तुत किया। दूसरी तरफ फाइन आर्ट्स डिपार्टमेंट में पोस्टर मेकिंग और ऑन द स्पॉट पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
यूथ फेस्टिवल में रजिस्ट्रार सैय्यद वकार हुसैन, कोआर्डिनेटर डॉ. आरपी सिंह, डॉ. सुभाष अग्रवाल, डीजी की प्रिंसिपल डॉ. मीता जमाल, अर्मापुर पीजी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. जीएल श्रीवास्तव, जुहारी की प्रिंसिपल डॉ. बीआर अग्रवाल, डॉ. संजय स्वर्णकार और डॉ. सुनीता आर्या मौजूद रहीं।
स्टूडेंट 14 लाख, आए डेढ़ सौ भी नहीं
छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी से संबद्ध 1250 कॉलेजों में रेग्युलर और प्राइवेट एग्जाम के 14 लाख स्टूडेंट पढ़ते हैं, फिर भी तीन दिवसीय यूथ फेस्टिवल में 10 कॉलेजों ने भी हिस्सा नहीं लिया।
कन्या भ्रूण हत्या और सोशल मीडिया एवं युवा मामलों को लेकर आयोजित पोस्टर मेकिंग और ऑन द स्पॉट पेंटिंग में महज 20 स्टूडेंटों ने हिस्सा लिया। डांस में आठ कॉलेजों के बमुश्किल 150 स्टूडेंटों ने हिस्सा लिया।
फीका, अव्यवस्थित रहा आगाज
यूथ फेस्टिवल का आगाज फीका और अव्यवस्थित रहा। उद्घाटन सुबह 11 बजे होना था। डीजी की प्रिंसिपल डॉ. मीता जमाल शिक्षक और स्टूडेंटों के साथ इंटरनेशनल आडिटोरियम पहुंची तब साफ-सफाई का काम चल रहा था। वहां बताया गया कि उद्घाटन समारोह टल गया है। दोपहर ढाई बजे के बाद उद्घाटन होगा। वे वापस हो गईं और बाद में फिर आईं।