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राहत: बचत खाता खाली तो नहीं होगी जेब ढीली, छह लाख से ज्यादा शहरियों को होगा लाभ, पढ़ें पूरा अपडेट

Thu, 10 Jul 2025 11:36 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: बैंकर्स एसोसिएशन का कहना है कि बैंकों का यह बहुत अच्छा कदम है। इससे खास तौर पर किसान, छात्र, मजदूर, रेहड़ी-पटरी दुकानदारों जैसे लाखों लोगों को लाभ होगा। कई बार लोग अपने खाते में बैलेंस नहीं रख पाते हैं। जैसे ही उनके खाते में कोई रकम आती है, वह काट ली जाती है।
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सांकेतिक - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बचत खाते में न्यूनतम रकम न रखने के कारण लगने वाली पेनाल्टी को खत्म कर दिया गया है, यानी अब खाता शून्य बैलेंस के साथ भी चलेगा और उसमें दंडस्वरूप कोई पैसा भी नहीं कटेगा। इसे अभी शहर के चार बैंकों पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक ने लागू किया है। इससे शहर के खाताधारकों की जेब में हर साल पांच करोड़ रुपये बचेंगे। बैंकों में न्यूनतम शुल्क व्यवस्था खत्म होने से छह लाख से ज्यादा लोगों को सीधा लाभ होगा।

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शहर में पंजाब नेशनल बैंक की 70 से अधिक शाखाएं हैं। बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन बैंक की 30-30 शाखाएं हैं। केनरा बैंक की 32 शाखाएं शहर के अलग-अलग हिस्सों में हैं। अभी तक इन बैंकों में एक हजार से लेकर दो हजार न्यूनतम शुल्क बचत खाते में रखना अनिवार्य था। न रखने पर हर तिमाही अलग-अलग बैंकों में जीएसटी के साथ 59 रुपये से लेकर 280 रुपये तक काटे जाते थे। इससे ग्राहकों को तगड़ी चपत लगती थी।

पेनाल्टी को कर दिया है खत्म
वी बैंकर्स एसोसिएशन के महामंत्री आशीष मिश्रा ने बताया कि अभी हाल में ही वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने सभी बैंकों के मुख्य कार्यपालक और मुख्य प्रबंध निदेशकों के साथ बैठक की थी। इसके बाद दो सरकारी बैंकों ने अपने यहां के खाताधारकों को सुविधा पहुंचाते हुए तत्काल प्रभाव से बचत खाते में न्यूनतम रकम न रखने के कारण लगने वाली पेनाल्टी को खत्म कर दिया है। बैंक ऑफ इंडिया ने पांच जुलाई को आदेश जारी किया।
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ग्राहक सेवा शुल्क में ज्यादा से ज्यादा छूट दी जानी चाहिए
बैंक ऑफ इंडिया के साथ ही इंडियन बैंक ने भी सात जुलाई से न्यूनतम बैलेंस रखने की शर्त हटा दी है। इसके पूर्व पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक ने भी यह सुविधा शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि हर साल अकेले शहर में इन बैंकों में ग्राहकों के खातों से चार-पांच करोड़ रुपये कट जाते थे। पंजाब नेशनल बैंक प्रोग्रेसिव इम्प्लाइज एसोसिएशन के चेयरमैन संजय त्रिवेदी का कहना है कि ग्राहक सेवा शुल्क में ज्यादा से ज्यादा छूट दी जानी चाहिए। बैंकों का यह बहुत अच्छा कदम है। इससे खास तौर पर किसान, छात्र, मजदूर, रेहड़ी-पटरी दुकानदारों जैसे लाखों लोगों को लाभ होगा। कई बार लोग अपने खाते में बैलेंस नहीं रख पाते हैं। जैसे ही उनके खाते में कोई रकम आती है, वह काट ली जाती है।
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