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'मौत बनकर आई जन्मदिन की रात', दबंगों ने सीने में दाग दीं गोलियां, एक पल में काफूर हो गई खुशियां

Mon, 22 Oct 2018 07:35 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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रेस्टोरेंट के अंदर निरीक्षण करते एसपी संतोष मिश्र - फोटो : अमर उजाला
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जन्मदिन की खुशी में दोस्तों के साथ शनिवार रात रेस्टोरेंट में भोजन करने गए प्रापर्टी डीलर का कुछ लोगों से विवाद हो गया। थोड़ी देर बाद आए दबंगों ने प्रापर्टी डीलर के सीने में दो गोलियां दाग दीं, उसकी मौके पर ही मौत हो गई। एसपी ने रात को ही फोर्स के साथ छानबीन की। हालांकि कोई आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। पिता ने तीन नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। ये दर्दनाक घटना उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद की है।
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शहर के मोहल्ला मेमरान निवासी प्रापर्टी डीलर अर्पित उर्फ अंशू चौहान (24) पुत्र अवधेश सिंह चौहान का शनिवार को जन्मदिन था। इस खुशी में वह अपने दोस्त मोहल्ला राजीव गांधी नगर निवासी सचिन पाल, मोनू ठाकुर के साथ रात करीब 10 बजे रेलवे स्टेशन तिराहा स्थित वैशाली रेस्टोरेंट पर भोजन करने गया था। वहां पर मोहल्ला हाता रोशन खां निवासी रोहित पुत्र जितेंद्र सिंह, मोहल्ला श्यामनगर निवासी मनोज राजपूत पुत्र हरीकिशन, मोहल्ला बजरिया निहालचंद्र निवासी टिंकू शुक्ला पुत्र रामनाथ और एक अन्य युवक पहले से खाना खा रहे थे।

इन लोगों का रेस्टोरेंट मालिक निर्मल झा से विवाद हो गया और ये गाली गलौज करने लगे। अर्पित और उसके दोस्तों ने इसका विरोध किया। इस पर उन लोगों की कहासुनी हो गई। निर्मल ने दोनों पक्षों को शांत करा दिया। इसके बाद रोहित अपने दोस्तों के साथ बाइकों से चला गया।
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अर्पित दोस्तों के साथ खाना खाने के बाद होटल से बाहर निकल रहा था

रोते बिलखते अर्पित के परिजन - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद अर्पित दोस्तों के साथ खाना खाने के बाद होटल से बाहर निकल रहा था। उसी समय बाइकों से रोहित, टिंकू व मनोज अपने एक अन्य साथी के साथ आए और अर्पित के सीने में दो गोलियां दाग दी। गोली लगते ही अर्पित गिर पड़ा। फायरिंग होने से भगदड़ मच गई। दुकानदार दुकानें बंद कर भाग गए। 

उसके दोस्त मोनू ठाकुर, सचिन व अन्य लोग अर्पित को नाला मछरट्टा स्थित निजी अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इस पर दोस्त शव लेकर उसके घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। 

घटना की सूचना पर प्रभारी कोतवाल देवेंद्र गंगवार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। एसपी संतोष मिश्रा, एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ रामलखन सरोज, मऊदरवाजा थाना प्रभारी दधिबल तिवारी, फतेहगढ़ कोतवाल झांझन लाल भी पहुंच गए। एसपी ने अर्पित के दोस्तों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में छापेमारी की। हालांकि आरोपियों का पुलिस पता नहीं लगा सकी। अर्पित के पिता अवधेश सिंह ने टिंकू, रोहित, मनोज व उनके अज्ञात साथी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। 

 

एक्सरे कराने के लिए डॉक्टर से नोकझोंक हो गई

रेस्टोरेंट के बाहर मौजूद अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ सीटी व फोर्स - फोटो : अमर उजाला
फोरेंसिक टीम के साथ ही डॉग स्क्वॉड भी मौके पर पहुंच गया। यहां पर टीम ने घटनास्थल से खून आदि के नमूने लिए। एसपी संतोष मिश्रा ने होटल पर जाकर छानबीन की। एसपी ने होटल मालिक से भी घटना की जानकारी ली। 


लोहिया अस्पताल शव का एक्सरे कराने के लिए डॉक्टर से नोकझोंक हो गई। अर्पित चौहान के शव को पुलिस ने रविवार सुबह पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। यहां से बुलेट की जांच के लिए शव को लोहिया अस्पताल एक्सरे के लिए भेज दिया। पुलिस और परिजन शव लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचे। यहां पर एक्सरे कक्ष बंद था। परिजनों ने सीएमएस को फोन किया तो फोन नहीं लगा। 

परिजनों ने इमरजेंसी ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर मनोज पांडेय से एक्सरे की बात कही। उनके मना करने पर परिवार और साथी भड़क गए। मनोज पांडेय से उनकी नोकझोंक होने लगी। हंगामा होने पर इमरजेंसी में मौजूद अन्य लोगों ने इसकी सूचना एक्सरे करने वालों को दी। तब वह लोग अस्पताल पहुंचे। बिजली के न आने पर जेनरेटर को चालू कराया गया। इसके कुछ समय बाद शव का एक्सरे किया गया।

घटना से कुछ देर पहले ही तिराहा से गई थी यूपी 100
रेलवे स्टेशन तिराहा पर रेस्टोरेंट में हुई हत्या से कुछ समय पहले की यूपी 100 की गाड़ी खड़ी थी। घटना से पहले ही गाड़ी ठंडी सड़क के लिए चली गई। इसको लेकर भी चर्चा होती रही।

अर्पित का बड़ा भाई कम सुन और बोल पाता है
अर्पित का बड़ा भाई अर्पण सिंह कम सुन पाता है। इसके साथ ही बोलने में भी लड़खड़ाता है। अर्पित की बहन अन्नू की शादी हो गई है। इस घटना के बाद परिवार वालों के हाल बेहाल हैं।



 
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चौकी प्रभारी को हटाए जाने की उठी मांग

रेलवे स्टेशन तिराहा पर पिकेट शाम होते ही गायब हो जाती है। इसके चलते शराबी दुकानों और पटियों पर अपनी महफिल सजा लेते हैं। हत्या के बाद परिवार वालों ने चौकी प्रभारी के निलंबन की मांग की है। आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के चलते हत्या हो गई।

रेस्टोरेंट में हुई अर्पित की हत्या की खबर पर परिवार और उसके दोस्तों के साथ ही रिश्तेदारों में भी आक्रोश है। एसपी संतोष मिश्रा से कहा कि शाम होते ही यहां से पिकेट गायब हो जाती है। इसके चलते यहां पर शराबी ठेके के अंदर और बाहर की दुकानों में महफिल सजा लेते हैं। आए दिन यहां पर शराबी रोड पर हंगामा करते हैं। इसके बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है। परिजनों के आरोपों को सुनकर एसपी शांत बने रहे। रेलवे स्टेशन तिराहा पर देसी शराब का ठेका है। आक्रोशित लोगों ने आरोप लगाया कि रेलवे रोड चौकी प्रभारी गश्त भी नहीं करते हैं।
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