चार अगस्त की सुबह 11 बजे दुकान बंद करने के बाद से रोहित लापता था। छह अगस्त को पिता ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शाम को शव गल्ला मंडी परिसर में बने शौचालय में पड़ा मिला था। फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से रोहित की गला रेतकर हत्या की पुष्टि हुई थी। थाना प्रभारी समर बहादुर सिंह का कहना है कि अभी तक की जांच में भाभी से संबंध के चलते हत्या की बात सामने आ रही है। मृतक के छोटे भाई समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
भाई की हत्या में किसी को उस पर शक न हो, इसलिए मोहित ने गल्ला मंडी परिसर के दूसरे चाय दुकानदार के भाई रोहित दुबे पर शक जताकर नामजद रिपोर्ट दर्ज करा दी। उसने बताया था कि रोहित मंडी के गार्डों के पीटने के बाद उससे खुन्नस रखता था। वह गार्ड को सबक सिखाना चाहता था। यह बात भाई ने गार्डों को बता दी थी, जिसकी जानकारी पर उसने भाई को देख लेने की धमकी दी थी।
मोहित ने बड़े भाई को रास्ते से हटाने की साजिश पहले रच ली थी। उसने सागरपुरी निवासी दोस्त को शामिल किया। उसे 15 हजार रुपये भी दिए। साजिश के अनुसार उसका साथी दुकान पहुंचा और शराब पीने के लिए रोहित को साथ ले गया। रोहित को नशे मेें धुत करने के बाद साथी ने मोहित को बुलाया, जिसके बाद दोनों ने मिलकर उसका गला रेत दिया।
घटनास्थल पर अक्सर पीते थे शराब
पूछताछ में मोहित और उसके साथी ने बताया कि घटनास्थल पर वे अक्सर शराब पीते थे। बंद शौचालय और झाड़ियों के चलते कोई भी वहां आता-जाता नहीं था। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों उसी गली से होकर दूध मंडी पहुंचे। वहां से निकलकर साथी सागरपुरी और वह अपने घर पहुंच गया था।
साथी के फोन पर ढूंढने का बहाना करके घर से निकला था
मोहित ने बताया कि साजिश के तहत रोहित के नशे में धुत होने के बाद साथी ने उसे फोन करके सूचना दी। इस पर वह भाई को ढूंढने जाने का बहाना करके घर से निकला था। मंडी के गेट से घुसने के बाद वह सीधे घटनास्थल पहुंचा, जहां भाई नशे में धुत पड़ा था। साथी ने भाई को पकड़ा और उसने चाकू से गला रेत दिया था।