पिता महाराज सिंह का कहना था कि घटना का कारण उन्हें नहीं पता है। वह अलीगंज रोड के पास रेलवे क्रॉसिंग के पास साइकिल पंक्चर की दुकान चलाते हैं। रास्ते में आते समय उन्हें किसी ने मामले की जानकारी दी। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों भाई शराब पीने के आदी थे। अक्सर नशे की हालत में मारपीट करते रहते थे। दोनों भाई मजदूरी कर गुजारा करते थे। रंजीत की दो बहन बविता व मोनी हैं। एक बहन विमला की 10 वर्ष पहले मौत हो चुकी है। रंजीत की मां की काफी पहले मौत हो चुकी है। दोनों भाई व पिता एक ही घर में रहते थे। बड़ा भाई अजीत दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। इंस्पेक्टर रामअवतार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हत्या के बाद कमरे में खून धो रहा था भाई
बड़े भाई रंजीत की धारदार हथियार से हत्या करने के बाद आरोपी भाई को खुद के फंसने का भी डर सताने लगा। कमरे में फैले खून को देखकर वह पानी से धोने लगा। पानी के साथ जब खून बहकर नाली में पहुंचा तो पड़ोसियों ने बहता खून देख लिया और चौंक गए। ताका-झांकी करने पर ग्रामीणों को रंजीत की हत्या करने का शक हो गया। इस पर पुलिस को सूचना दी।
एक बेटे की हत्या, दूसरे के जेल जाने का पिता को गम
गांव रजपालपुर निवासी महाराज सिंह को बड़े बेटे रंजीत की हत्या के बाद अब दूसरे बेटे के जेल जाने का भी गम है। कहते हैं पिता के लिए औलाद सभी बराबर होती हैं। महाराज सिंह ने कहा कि रंजीत शराब पी लेता था। छोटा बेटा शराब नहीं पीता था। पत्नी की मौत के बाद पिता बेटे रंजीत के साथ मिलकर खाना बनाकर खाते थे। यह सब बताते हुए वह फूट-फूटकर रो पड़े। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि दोनों भाई शराब पीने के आदी थे।