उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में मिली असफलता ने एक और होनहार बेटी की जिंदगी की डोर तोड़ दी। कानपुर के शिवराजपुर थाना क्षेत्र स्थित दुर्गापुर गांव में परीक्षा परिणाम में चयन न होने से आहत एक 24 वर्षीय युवती ने शुक्रवार की रात फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। शनिवार सुबह जब परिजनों ने कमरे की खिड़की से झांककर देखा, तो युवती का शव फंदे से लटकता मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम छा गया।
निजी स्कूल में पढ़ाकर कर रही थी तैयारी
दुर्गापुर गांव निवासी रामलखन की 24 वर्षीय पुत्री हर्षिता बेहद होनहार और महतवाकांक्षी थी। वह गांव के ही एक प्राइवेट स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हुई थी। उसका सपना पुलिस विभाग में भर्ती होकर देश और समाज की सेवा करना था। इसके लिए उसने हाल ही में आयोजित हुई उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा दी थी और पिछले काफी समय से इस परीक्षा के परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रही थी।
27 अंक कम रहने से टूट गया था मनोबल
परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार को जब पुलिस भर्ती का अंतिम परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, तो हर्षिता ने उत्सुकता से अपना रोल नंबर चेक किया। कटऑफ से महज 27 अंक कम रह जाने के कारण उसका चयन नहीं हो सका। कड़ी मेहनत के बाद भी असफलता मिलने से वह गहरे अवसाद में चली गई। दिनभर वह चुपचाप और शांत रही। रात में परिजनों के साथ खाना खाने के बाद वह हमेशा की तरह अपने कमरे में सोने चली गई।
सुबह खिड़की से देखा तो उड़ गए होश
शनिवार की सुबह जब काफी देर तक हर्षिता अपने कमरे से बाहर नहीं निकली, तो मां कांति देवी उसे जगाने के लिए कमरे के पास पहुंचीं। उन्होंने कई बार दरवाजा खटखटाया और आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। अनहोनी की आशंका होने पर जब मां ने कमरे की खिड़की से अंदर झांककर देखा, तो उनके पैर तले जमीन खिसक गई। हर्षिता का शव कुंडे के सहारे फंदे पर लटक रहा था। मां की चीख सुनकर आसपास के लोग और परिजन एकत्र हो गए।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना पर शिवराजपुर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से नीचे उतारा और फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।